कोलकाता : द चैटर्जी ग्रुप (टीसीजी) की कंपनी कॉर्टेक्स डीसी भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में उतर आई है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि अगले सात साल में देशभर में 2 गीगावाट क्षमता के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-तैयार डेटा सेंटर बनाए जाएंगे।
ये सेंटर हाइपरस्केलर, क्लाउड सेवा कंपनियों और आधुनिक एआई कामों के लिए बनाए जाएंगे। कंपनी के मुताबिक एआई और क्लाउड के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़ी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग को पूरा करने के लिए यह कदम है।
कंपनी ने अभी जगहें तय नहीं की हैं। हालांकि पहली सुविधा निर्माण शुरू होने के 18 महीने के भीतर चालू करने का लक्ष्य है। ऊर्जा का 51 फीसदी हिस्सा हरित स्रोतों से लिया जाएगा।
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कई महीनों से इस प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है और जमीन, बिजली तथा साझेदारों से जुड़े काम आगे बढ़ चुके हैं। कितने डेटा सेंटर बनेंगे, इसकी तय संख्या अभी तय नहीं है।
कंपनी शुरुआत से ही नवीकरणीय ऊर्जा को अपने ढांचे में शामिल करने की योजना बना रही है।
भारत में एआई के चलते डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच नए निवेशक और कंपनियां इस क्षेत्र में उतर रहे हैं। कॉर्टेक्स डीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल शर्मा ने कहा कि यह ढांचा भारत में बन रहा है और स्थानीय तथा वैश्विक दोनों तरह के ग्राहकों को सेवा देगा। डेटा सेंटर क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से बड़ा निवेश आ रहा है। टेलीकॉम और बुनियादी ढांचा कंपनियां भी क्षमता बढ़ा रही हैं। एआई के चलते हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग बढ़ने से आपूर्ति की कमी की स्थिति बन रही है, ऐसा उद्योग में कहा जाता है। इस पृष्ठभूमि में नई कंपनियों का प्रवेश क्षेत्र के विस्तार की ओर ध्यान खींच रहा है। कंपनी के मुताबिक ये सेंटर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के ग्राहकों को सेवा देंगे और भारत को हैवी कंप्यूटिंग के लिए केंद्र बनाएंगे।