मुंबई : इवेको ग्रुप पर नियंत्रण हासिल करने के बाद टाटा मोटर्स ने मंगलवार को तुरिन में वैश्विक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए दौर की शुरुआत की। अब यह समूह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा वाणिज्यिक वाहन निर्माता है और 130 से ज्यादा देशों में मौजूद है।
टाटा सन्स, टाटा मोटर्स और इवेको ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, "आज टाटा मोटर्स और इवेको ग्रुप के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। दो मजबूत और कामयाब संस्थाएं, एक जैसे मूल्यों और टिकाऊ आवागमन के साझा लक्ष्य के साथ एक हुई हैं।" उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाएगा और क्षमताएं दोनों तरफ से एक-दूसरे की ओर बहेंगी।
कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक मिलाकर आमदनी करीब 21 अरब यूरो यानी 2.28 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। सालाना बिक्री करीब 5.9 लाख वाहनों की है। 27 उत्पादन इकाइयां, 25 शोध केंद्र और 9,300 से ज्यादा बिक्री व सेवा केंद्र हैं। छह महाद्वीपों पर 73,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।
इवेको का मुख्यालय तुरिन में ही रहेगा। चंद्रशेखरन ने कहा, "इवेको का मुख्यालय तुरिन में था और तुरिन में ही रहेगा। समूह के भविष्य पर मुझे कोई शक नहीं है।" कंपनी ने साफ किया कि इवेको के ब्रांड, टीम और औद्योगिक ढांचा अपनी अलग पहचान बनाए रखेंगे।
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश वाघ ने कहा, "साथ आकर ग्राहकों और हितधारकों के लिए बड़ा मूल्य बनाने का असाधारण मौका हमारे सामने है।"
इवेको के नए बोर्ड में चंद्रशेखरन चेयरपर्सन और सीनियर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। ओलोफ पर्सन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने रहेंगे। पी. बी. बालाजी और गिरीश वाघ नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जबकि गुंटर बुशेक और चार्ल्स निकोल्स स्वतंत्र डायरेक्टर।
टाटा मोटर्स के पास इवेको की करीब 89.42 फीसदी हिस्सेदारी है। 14.40 यूरो प्रति शेयर की दर से 23.8 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए 42,561 करोड़ रुपये से अधिक चुकाए गए। जिन शेयरधारकों ने अब तक शेयर नहीं दिए हैं, उनके लिए 2 से 6 नवंबर तक ऑफर की खिड़की फिर खुली है। उन शेयरों का निपटान 13 नवंबर को होगा।
कंपनी ने कहा कि ग्राहक अनुबंध, डीलर नेटवर्क, वारंटी और सेवा व्यवस्था पहले दिन से नहीं बदलेगी।