धारापुरम : धारापुरम विधानसभा उपचुनाव हार चुकी उम्मीदवार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के रोड शो के दौरान हुई नाकाबंदी के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिससे स्थानीय चुनाव विवाद फिर राज्य की राजनीति में चर्चा में आ गया है।
नाम तमिलर कच्ची की एम. कार्तिका और उनके पति मुरुगचंद्र कुमार को धारापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया। विरोध के दिन ही एफआईआर दर्ज हुई थी और मंगलवार तड़के उन्हें हिरासत में लिया गया।
द्रमुक ने गिरफ्तारी की निंदा की, जबकि एनटीके के संस्थापक सीमन ने राजनीतिक बदले का आरोप लगाया। कार्तिका ने हाल ही में संपन्न धारापुरम उपचुनाव लड़ा था।
यह गिरफ्तारी राज्य में बढ़ते शब्द-युद्ध के बीच हुई है। द्रमुक के एक नेता की मुख्यमंत्री विजय पर टिप्पणी से विवाद भड़का, और विजय की पार्टी टीवीके ने "व्यक्तिगत हमलों" की निंदा की। चेन्नई नगर निगम की वार्ड पार्षद सुधा दीनदयालन ने विजय पर टिप्पणी की, जबकि 7 अक्टूबर के कार्यक्रम का आयोजन करने वाले द्रमुक कार्यकर्ता मुरलीधरन पर मामला दर्ज हुआ।
वीडियो में पार्षद विजय पर आरोप लगाती सुनाई देती हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया रील्स के जरिए सत्ता हासिल की, वादे पूरे नहीं किए और द्रमुक सरकार की योजनाएं जारी रखीं।
इस बीच विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाए रखा। डीआरआई ने 16-17 अक्टूबर की कार्रवाई में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया, और एआईएडीएमके के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने इस पर विजय की "चुप्पी" पर सवाल उठाए। पल्लवन इल्लम में नया सचिवालय बनाने की कथित योजना का एआईएडीएमके के अनबुमणी रामदास ने विरोध किया।
धारापुरम उपचुनाव हाल ही में हुआ और उसके नतीजे राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बने हैं। कार्तिका ने जिस सीट से चुनाव लड़ा, उसे लेकर एनटीके और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच शब्दों की जंग जारी है। विपक्ष ने विजय सरकार पर वादे पूरे न करने और कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है।