चेन्नई: तमिलनाडु में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पांच साल की उम्र छूट के आदेश जारी कर दिए।
राज्य सरकार के बयान के मुताबिक यह छूट मौजूदा नियमों के तहत मिलने वाली छूट के अतिरिक्त होगी। यह 30 अक्टूबर 2026 से पांच साल तक लागू रहेगी। बयान में कहा गया है कि यह फैसला प्रतियोगी परीक्षा देने वाले उमेदवारों की मांग पर लिया गया।
ग्रुप 1 (सिविल सेवा) परीक्षा में सामान्य वर्ग की उम्र सीमा 32 से बढ़ाकर 37 की गई है। आरक्षित वर्ग के उमेदवारों के लिए यह 37 से 42 होगी। दिव्यांग उमेदवारों के लिए यह सीमा सामान्य वर्ग में 42 से 47 और आरक्षित वर्ग में 47 से 52 हो जाएगी।
ग्रुप 2 और ग्रुप 2ए परीक्षाओं में सामान्य वर्ग की उम्र सीमा 30 से 35 की गई है। इन समूहों में आरक्षित वर्ग के उमेदवारों पर पहले से कोई ऊपरी उम्र सीमा नहीं है। दिव्यांग सामान्य वर्ग के उमेदवारों के लिए यह सीमा 40 से 45 होगी।
ग्रुप 4 परीक्षाओं के लिए उम्र सीमा 32 से बढ़ाकर 37 की गई है। सरकार ने कहा कि बाकी समूहों और वर्गों पर भी यही तरीका लागू होगा।
विजय सरकार ने इससे पहले भी शिक्षा और रोजगार से जुड़े फैसले लिए हैं। पिछले हफ्ते राज्य मंत्रिमंडल ने आठ कंपनियों को औद्योगिक उत्पादन शुरू करने की अनुमति, सामाजिक न्याय सर्वेक्षण आयोग के गठन और हिंदू धर्म से धर्मांतरित मुसलमानों के आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विलोकन याचिका दाखिल करने को मंजूरी दी थी।
विपक्ष इसे अलग नजरिए से देख रहा है। द्रमुक का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीवीके सरकार आने वाले त्रिची पूर्व उपचुनाव की तैयारी में है और इसी सोच से फैसले लिए जा रहे हैं।
नई उम्र सीमा किन परीक्षाओं पर कैसे लागू होगी, इसकी अधिसूचना तमिलनाडु लोक सेवा आयोग जारी करेगा। जिन उमेदवारों ने उम्र की वजह से आवेदन छोड़ दिया था, उन्हें फिर से मौका मिलेगा।