बेंगलुरु: दिवाली से पहले निवेश की रफ्तार तेज हुई है. 2 से 7 नवंबर के हफ्ते में 28 भारतीय स्टार्टअप ने मिलकर 258.1 मिलियन डॉलर जुटाए. पिछले हफ्ते 28 कंपनियों ने करीब 115 मिलियन डॉलर जुटाए थे. यानी एक हफ्ते में रकम दोगुनी से भी ज्यादा हो गई.
इस रकम में तीन बड़े दौर और शुरुआती चरण के 17 सौदे शामिल हैं. इनमें दो सौदों की रकम का खुलासा नहीं हुआ है.
सबसे बड़ा सौदा ज्वेलरी ब्रांड GIVA का रहा. मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट के नेतृत्व में उसने 100 मिलियन डॉलर जुटाए. दूसरे नंबर पर बेंगलुरु की EloElo Group रही, जिसने हॉर्नबिल कैपिटल और NBCUniversal के नेतृत्व में 80 मिलियन डॉलर का सीरीज C दौर किया. कंपनी माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म 'स्टोरी टीवी' चलाती है और उसकी कुल जुटाई रकम 130 मिलियन डॉलर हो गई है.
तीसरा बड़ा सौदा पुणे और ऑस्टिन से काम करने वाली पेपरमिंट रोबोटिक्स का रहा. pi Ventures और क्रेन वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में उसने 100 करोड़ रुपये (करीब 10.5 मिलियन डॉलर) जुटाए. कंपनी स्वचालित सफाई और मटेरियल-हैंडलिंग रोबोट बनाती है और उसकी मशीनें नौ देशों में लगी हैं. नई पूंजी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, शोध और क्लीनरूम रोबोटिक्स की नई श्रृंखला पर खर्च होगी.
शुरुआती चरण के 17 सौदों से 67.6 मिलियन डॉलर आए. पुणे की हेल्थ-टेक स्टार्टअप क्लिनिक्स ऑन क्लाउड ने दुबई के निवेशकों से मॉडल42 के जरिए 12.5 मिलियन डॉलर का सीरीज A दौर पूरा किया. बेंगलुरु की altM ने जेरोधा की रेनमैटर और मेला वेंचर्स के नेतृत्व में 10.3 मिलियन डॉलर जुटाए.
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की टू पॉइंट ओ कैपिटल ने 10 मिलियन डॉलर और वेल्थटेक कंपनी पावरअप मनी ने फ्लरिश वेंचर्स के नेतृत्व में 10 मिलियन डॉलर जुटाए.
शहरों के हिसाब से बेंगलुरु आगे रहा, जहां छह सौदे हुए. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में पांच-पांच. पुणे, हैदराबाद और गांधीनगर भी सूची में रहे.
सेक्टर के हिसाब से ई-कॉमर्स और एआई तीन-तीन सौदों के साथ आगे रहे. हेल्थटेक, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, फूडटेक और गेमिंग के दो-दो सौदे हुए.
पिछले आठ हफ्तों का औसत देखें तो हर हफ्ते करीब 198 मिलियन डॉलर 23 सौदों में जुट रहे हैं. इस हफ्ते का आंकड़ा उस औसत से ऊपर है.
इस हफ्ते नौ बड़ी नियुक्तियां, एक कर्मचारी का इस्तीफा, दो नए फंड की शुरुआत और एक ESOP बायबैक भी हुआ.
फिजिकल एआई क्षेत्र की प्रोविजन लैब्स ने मुंबई की हार्डवेयर स्टार्टअप बेसिलिस्क इंडस्ट्रीज को खरीद लिया. रकम का खुलासा नहीं हुआ.