नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विवाद मंगलवार को और भड़क गया। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज की, केरल में सीपीआई(एम) ने रात का मार्च निकाला, जबकि भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने SIR का समर्थन किया।
मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुर्ला पूर्व स्टेशन के पास प्रदर्शन कर SIR में कथित गड़बड़ियों का विरोध किया और कुमार का इस्तीफा मांगा। यह प्रदर्शन सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड के निर्देश पर और उत्तर-मध्य मुंबई जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरशद आजमी के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें दलपतराम बोराणा, यतीन सालवी, रमेश डोइफोडे, प्रकाश शेलके, प्रदीप इंगले, जाफर लोहार, सुनील यादव, रविंद्र कुरडिया, रेशमा शेख और अंबिका यादव मौजूद थे। उन्होंने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' और 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगाए।
केरल में सोमवार को सीपीआई(एम) की मलप्पुरम जिला समिति के रात के मार्च में हजारों लोग शामिल हुए। करोड़ों नागरिकों के वोट के हक कथित तौर पर छीने जाने पर कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। मशाल, पोस्टर, बैनर और पार्टी के झंडे लेकर लोगों ने कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च ने दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के साथ एकजुटता जताई।
नई ऑडिट में सामने आया है कि चुनाव आयोग का डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINet कितना केंद्रीकृत हो गया है। सिविक टेक पहल 'चर्चाग्राम' की समीक्षा के मुताबिक, एन्यूमरेशन फॉर्म के ब्योरे राज्य-दर-राज्य दिखाए जाते हैं और राज्य नोडल अधिकारियों की पहुंच कभी भी बंद की जा सकती है। रिपोर्ट डेटा साइंटिस्ट सौरव राजपूत ने तैयार की है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINet और मतदाता सूची डेटाबेस के केंद्रीकरण पर आपत्ति जताई है।
ऑडिट कहती है कि प्लेटफॉर्म सिर्फ पश्चिम बंगाल के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म देखने से रोक सकता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कानून मतदाता सूची पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को वैधानिक अधिकार देता है, लेकिन ECINet सिस्टम और आयोग के आईटी डिवीजन ने इन सुरक्षा उपायों का उल्लंघन किया है।
दूसरी तरफ भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने SIR का समर्थन किया। सोमवार को पूर्व कामेंग जिले में पार्टी बैठक में राज्य के महासचिव तादर निग्लर ने कहा कि मतदाता सूची संशोधन को 'मनमानी कवायद बताकर गलत तरीके से पेश नहीं करना चाहिए'। उन्होंने सीजेपी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित बताया।