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सेंसेक्स 1,225 अंक चढ़ा; चार सत्रों में 5 फीसदी उछाल, निवेशकों को 4.74 लाख करोड़ का फायदा

मंगलवार को सेंसेक्स 1,225.07 अंक बढ़कर 76,917.85 पर बंद हुआ और निफ्टी 370.05 अंक चढ़कर 23,810.85 पर पहुंचा। लगातार चौथे सत्र में तेजी बनी रही। कच्चे तेल में गिरावट और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को सहारा मिला।

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मुंबई : लगातार चौथे सत्र में भी शेयर बाजार ने तेजी बनाए रखी। मंगलवार को सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 फीसदी बढ़कर 76,917.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 370.05 अंक यानी 1.58 फीसदी चढ़कर 23,810.85 पर बंद हुआ।

चार सत्रों में सेंसेक्स 3,671.82 अंक यानी करीब 5 फीसदी और निफ्टी 1,112 अंक यानी 4.89 फीसदी चढ़ चुका है। दोनों सूचकांक दो महीने के ऊंचे स्तर पर बंद हुए।

बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही सत्र में करीब 4.74 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 486.74 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सेक्टरों की बात करें तो एफएमसीजी सूचकांक 3.65 फीसदी उछलकर 45,580.05 पर गया। रियल्टी 2.30 फीसदी, प्राइवेट बैंक 1.98 फीसदी, वित्तीय सेवाएं 1.84 फीसदी, सीमेंट 1.79 फीसदी और ऑटो 1.71 फीसदी चढ़े। सरकारी बैंक सूचकांक 1.26 फीसदी फिसला।

सेंसेक्स में हिंदुस्तान यूनिलीवर 4.16 फीसदी बढ़कर 1,975 रुपये पर, भारती एयरटेल 4 फीसदी बढ़कर 2,065.90 रुपये पर और एचडीएफसी बैंक 3.62 फीसदी बढ़कर 724.80 रुपये पर बंद हुआ। एशियन पेंट्स 3.53 फीसदी, अल्ट्राटेक सीमेंट 3.05 फीसदी और आईसीआईसीआई बैंक 2.80 फीसदी चढ़े। पावर ग्रिड 2.27 फीसदी, एसबीआई 1.77 फीसदी और एनटीपीसी 0.87 फीसदी गिरे।

बाजार की तेजी के तीन कारण कारोबारी हलकों में गिनाए जा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड 0.72 फीसदी बढ़कर 105.6 डॉलर प्रति बैरल हुआ, लेकिन पिछले सत्र में यह 7 फीसदी टूटा था। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,114.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। तीसरा कारण यह खबर है कि बाजार नियामक सेबी ने विदेशी शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर हटाने की सिफारिश की है। अंतिम फैसला सरकार के हाथ में है।

कंपनियों के जुलाई-सितंबर तिमाही नतीजे भी बाजार को थामे हुए हैं। रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 94.74 पर बंद हुआ।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूंजीगत लाभ कर और विदेशी निवेश को लेकर निवेशकों की चिंता स्वीकार की है और कहा है कि आगामी बजट से पहले सभी पक्षों की राय सुनी जाएगी।