मुंबई: बुधवार को भारतीय बाजार ने शुरुआती तेजी छोड़ दी और दिनभर गिरावट रही। बिकवाली बड़ी कंपनियों के सूचकांकों से आगे तक फैली; निफ्टी पर बढ़त-गिरावट का अनुपात 11:39 रहा।
दोपहर 1.22 बजे निफ्टी 50 22,724.55 पर था, जो सोमवार के 22,888.95 से 164.40 अंक यानी 0.72 फीसदी नीचे। सेंसेक्स 73,475.53 पर था, 377.37 अंक यानी 0.51 फीसदी गिरा।
बीएसई पर कारोबार हुए 4,471 शेयरों में से 3,397 गिरे, जबकि सिर्फ 873 चढ़े। 322 शेयरों ने 52 हफ्ते का निचला स्तर छुआ, जबकि सिर्फ 81 ने ऊपरी स्तर। निफ्टी मिडकैप 100 1.7 फीसदी और स्मॉलकैप 100 2.4 फीसदी गिरा, यानी बिकवाली ज्यादा व्यापक और गहरी थी।
IT शेयर ही अकेले चमके। इन्फोसिस 2.68 फीसदी चढ़कर 1,161 रुपये, टेक महिंद्रा 2.66 फीसदी चढ़कर 1,826.40 रुपये, टीसीएस 2.20 फीसदी चढ़कर 2,515.10 रुपये और एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.57 फीसदी चढ़कर 1,401.50 रुपये हुआ। अल्ट्राटेक सीमेंट 1.62 फीसदी चढ़ा। बाकी सभी सेक्टर सूचकांक लाल रहे; ऑटो सबसे कमजोर रहा।
विश्लेषकों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बाजार पर दबाव की मुख्य वजह हैं। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीद और कुछ सेक्टरों में चुनिंदा खरीद गिरावट को सहारा दे सकती है। बाजार की दिशा अब दूसरी तिमाही के नतीजों और सेक्टर के रुझान पर निर्भर रहेगी।
मंगलवार के मुकाबले बुधवार को बाजार में सतर्कता ज्यादा रही।
गिरने वालों में बजाज फाइनेंस 3.39 फीसदी, इटर्नल 3.26 फीसदी, आयशर मोटर्स 3.05 फीसदी, ट्रेंट 2.57 फीसदी और अदानी एंटरप्राइजेज 2.54 फीसदी नीचे रहे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मुख्य चुनौतियां हैं।