मुंबई: स्क्रीन पर इंडेक्स ऊपर गया, लेकिन ज्यादातर डीमैट खातों का पोर्टफोलियो नहीं गया।
शुक्रवार को सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42% बढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ और निफ्टी 50 ने 116.35 अंक यानी 0.51% की बढ़त के साथ 23,053.10 पर दिन खत्म किया। बाजार लगातार दूसरे सत्र में चढ़ा और इससे दोनों बेंचमार्क हफ्ते भर में करीब 2% ऊपर रहे।
नीचे की तस्वीर टेढ़ी थी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.85% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.93% की गिरावट आई। एनएसई पर 2,511 शेयर गिरे और 1,013 चढ़े। बैंक निफ्टी 222.70 अंक यानी 0.41% फिसलकर 54,686.95 पर आ गया।
सेंसेक्स में ट्रेंट सबसे आगे रहा, 5.20% की तेजी के साथ। टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ने गुरुवार को बताया था कि सितंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा 25% बढ़कर 468 करोड़ रुपये हुआ। इंडिगो 3.46%, इंफोसिस 3.07% और सन फार्मा 3.42% चढ़े। एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील 1% से 2% तक फिसले।
निफ्टी आईटी 2% से ज्यादा की बढ़त के साथ सेक्टरल सूचकांकों में सबसे आगे रहा और फार्मा व हेल्थकेयर उसके पीछे रहे। ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस लाल निशान में बंद हुए।
क्रूड का आंकड़ा बाजार की नजर में हमेशा रहता है। अमेरिका-ईरान तनाव पर अनिश्चितता के बीच ब्रेंट सत्र के दौरान 2.17% उछलकर 117.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जो 30 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचा अंतर-दिवस स्तर है। डब्ल्यूटीआई करीब 103 डॉलर पर रहा।
पीएल कैपिटल में एडवाइजरी एंड डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसात ने कहा, "भारतीय बाजार ऊपर रहे, सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.6% चढ़े, जबकि व्यापक बाजार में भागीदारी कमजोर रही। पश्चिम एशिया तनाव के बीच ब्रेंट के 115 डॉलर के आसपास रहने से आयात बिल, महंगाई और रुपये की स्थिरता पर दबाव बना हुआ है।"
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने आईटी में पैसा आने की वजह वैश्विक एआई शेयरों से निकलने की प्रवृत्ति बताई और कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव की नई खबरों के बाद मिड और स्मॉलकैप में बिकवाली हुई।
रुपया डॉलर के मुकाबले 94.93 पर बंद हुआ, पिछले बंद से 33 पैसे मजबूत। यह 95.21 पर खुला था और दिन में 95.28 तक फिसला। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 943.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
शुक्रवार नतीजों के मौसम का अब तक का सबसे भारी दिन भी था। 213 कंपनियों को सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स ने बाजार बंद होने के बाद आंकड़े जारी किए।
हफ्ता ऐसे खत्म हुआ कि इंडेक्स 23,000 के ऊपर है और व्यापक बाजार अब भी घाटे में। अक्टूबर का ज्यादातर हिस्सा इसी अंतर के साथ बीता है।