अमरेली: हर महीने 9 फीसदी रिटर्न का लालच देकर 6.52 लाख से ज्यादा निवेशकों के 1,211 करोड़ रुपये उड़ाने वाले 'एसडी पे' ऐप का भंडाफोड़ अमरेली पुलिस ने किया है। मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक इस ठगी का जाल 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक फैला था। करीब 900 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं और 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर 800 से ज्यादा शिकायतें आई हैं।
दो महीने की जांच में शुरुआत में ठगी का आकार करीब 635 करोड़ रुपये और पीड़ितों की संख्या करीब 3.15 लाख आंकी गई थी। लेकिन आरोपियों के सिस्टम का पासवर्ड तोड़कर अहम डेटा हाथ लगने के बाद पीड़ितों का आंकड़ा दोगुने से ज्यादा हो गया। ऐप करीब 15 लाख बार डाउनलोड हुआ था।
कंपनी ने ऐप को डिजिटल वॉलेट बताकर पेश किया था। वॉलेट में जमा रकम पर 9 फीसदी मासिक कैशबैक का वादा किया जाता था। 15 स्तर की रेफरल संरचना थी, जिसमें पुराने निवेशकों को नए सदस्य जोड़ने पर प्रोत्साहन मिलता था।
जांच में पता चला कि नई रकम से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जा रहा था। नए पैसे का बहाव घटने पर आरोपियों ने पैसे निकालने पर रोक लगा दी और रकम शेल कंपनियों के खातों में भेज दी।
पुलिस की जांच में पता चला कि मुख्य सूत्रधार धवल पटेल और नरेंद्र सोलंकी ने महाराष्ट्र में 'अपना पे' नाम से कामकाज शुरू किया। यह कामकाज नरेंद्र कांगरे को सौंपा गया; कांगरे फरार है और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर उसे नो-फ्लाई सूची में डाला गया है। गिरफ्तार लोगों में धवल पटेल, संतोष पाठक और नरेंद्र सोलंकी शामिल हैं।
वडोदरा की एक शिक्षिका की कहानी इस मामले का सबसे दर्दभरा हिस्सा है। उसने 2025 में अपना एक बेडरूम का फ्लैट बेचकर 9.5 लाख रुपये इस ऐप में लगाए। शुरू में रिटर्न अच्छा मिला और उसने रिश्तेदारों व सहकर्मियों को जोड़ा। उसके रेफरल से 31 लोगों ने निवेश किया। एक दौर में उसके वॉलेट पर 50 लाख रुपये का बैलेंस दिखा, लेकिन ऐप बंद होने पर वह रकम नहीं निकाल सकी।
मार्च 2026 के आसपास नई रकम घटने से योजना लड़खड़ाने लगी। तब आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय कंपनी के शेयर देने की पेशकश की और कहा कि जल्द आईपीओ आएगा। अमरेली पुलिस ने आर्थिक लेनदेन की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया है और अधिक गिरफ्तारियों की संभावना जताई है।