मुंबई: देश के सबसे बड़े बैंक ने बाजार के अनुमान को करीब 400 करोड़ रुपये से हराया और बदले में लाल निशान पाया। भारतीय स्टेट बैंक ने मंगलवार को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। अकेले शुद्ध मुनाफा 23,038 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के 20,160 करोड़ से 14 फीसदी ज्यादा है। ब्लूमबर्ग के सर्वे में विश्लेषकों ने 22,619 करोड़ का अनुमान लगाया था।
कुल कर्ज 18 फीसदी बढ़कर 52.08 लाख करोड़ रुपये हो गया और हर हिस्से में दोहरे अंक की बढ़त रही। कृषि ऋण 23 फीसदी, एसएमई कर्ज 22 फीसदी और कॉरपोरेट अग्रिम 16 फीसदी बढ़े। शुद्ध ब्याज आय 15 फीसदी बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये रही। सकल एनपीए 1.39 फीसदी और शुद्ध एनपीए 0.36 फीसदी रहा।
मिश्रित शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.90 फीसदी पर टिका रहा, जो एक साल पहले 2.92 फीसदी था। घरेलू एनआईएम 3.04 फीसदी से सुधरकर 3.06 फीसदी हो गया और जून 2026 के 3.00 फीसदी से भी ऊपर रहा। इसमें घरेलू जमा की लागत 5.13 फीसदी से घटकर 4.84 फीसदी होने का हाथ रहा।
ऋण घाटे के प्रावधान 33 फीसदी घटकर 2,759 करोड़ रुपये रह गए और मानक परिसंपत्तियों के प्रावधान 69 फीसदी गिरे।
चेयरमैन सी एस सेट्टी ने कहा कि वैश्विक दबाव के बीच अर्थव्यवस्था अपनी रफ्तार बनाए हुए है। "अर्थव्यवस्था लगातार वृद्धि के रास्ते पर है, जिसे खपत, निवेश और विनिर्माण व सेवाओं में लगातार गतिविधि का सहारा है," उन्होंने कहा। "साथ ही हम खाद्य और ऊर्जा कीमतों, मुद्रा बाजार और वैश्विक माहौल पर नजर रख रहे हैं।" उन्होंने रबी सीजन, अल नीनो और सिंचाई के पानी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बताया।
बाजार ने सुर्खियों के पीछे देखा। एसबीआई का शेयर एनएसई पर 1.77 फीसदी गिरकर 970.25 रुपये पर आ गया, जबकि बेंचमार्क करीब 1.6 फीसदी चढ़ा। गैर-ब्याज आय 5 फीसदी घटकर 19,066 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में हिस्सेदारी बेचने से 7,288 करोड़ रुपये मिले थे। परिचालन खर्च 9.6 फीसदी बढ़ा और लागत-से-आय अनुपात जून के 46.71 फीसदी से बढ़कर 49.82 फीसदी हो गया।
बर्नस्टीन ने नतीजों के बाद कहा कि सुर्खियों वाली बढ़त के पीछे तिमाही कमजोर रही, मुनाफे को कम ऋण लागत और हिस्सेदारी बिक्री के लाभ ने सहारा दिया, और प्रावधान-पूर्व परिचालन लाभ सालाना 1 फीसदी गिरा।
सेट्टी ने नए एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस फ्रेमवर्क का कर-पश्चात असर करीब 19,500 करोड़ रुपये बताया। भारतीय रिजर्व बैंक बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी तैयारी की समीक्षा करेगा। यह ढांचा अगले साल 1 अप्रैल से लागू होगा।
उसी नतीजों की सूची में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने समेकित कर-पश्चात मुनाफा 23 फीसदी बढ़ाकर 2,578 करोड़ रुपये बताया। सितंबर में लिस्ट होने के बाद यह उसका पहला नतीजा है। लेनदेन शुल्क से आय 9 फीसदी बढ़कर 3,035 करोड़ रुपये रही।
सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 फीसदी चढ़कर 76,917.85 पर बंद हुआ। निफ्टी 370.05 अंक यानी 1.58 फीसदी बढ़कर 23,810.85 पर रहा। यह लगातार चौथा सेशन था और दो महीने का ऊंचा स्तर।