राज्य सरकार ने घोषित सूखाग्रस्त तालुकों की संशोधित सूची में सातारा जिले के जावली तालुके के साथ पाटण, कोरेगांव, वाई और कराड तालुकों को शामिल किया है। लोक निर्माण मंत्री श्रीमंत छत्रपति शिवेंद्रसिंहराजे भोसले के लगातार प्रयास से इन तालुकों को न्याय मिला है। अब सातारा जिले के सभी 11 तालुके आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित हो गए हैं। इस फैसले से जिले के किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
इस फैसले के लिए मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और मदद एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद पाटिल का विशेष आभार माना है।
'ट्रिगर 2' के मानदंडों के तहत समावेश; जनता से किया वादा निभाया राज्य सरकार ने पहले महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। लेकिन सिर्फ 'ट्रिगर 1' (सिर्फ बारिश की कमी) की प्रारंभिक कसौटी के कारण जावली, पाटण, कोरेगांव, वाई और कराड के नाम पहली सूची से बाहर रह गए थे। इससे किसानों में भारी असंतोष और असमंजस का माहौल बन गया था।
शिवेंद्रसिंहराजे ने जनता को भरोसा दिलाया था कि बारिश की कमी से फसलों और पौधों को हुए वास्तविक नुकसान के 'ट्रिगर 2' सर्वे के बाद इन तालुकों का समावेश पक्का होगा। इसी संबंध में उन्होंने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और राज्य सरकार के पास लगातार प्रयास किए। वास्तविक स्थिति सामने रखे जाने के बाद सरकार ने नया अध्यादेश जारी कर इन सभी तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया।
सूखाग्रस्त तालुकों को मिलने वाली प्रमुख सरकारी रियायतें और उपाय: सरकार के इस फैसले से सातारा जिले के सभी 11 तालुकों में नीचे दी गई रियायतें तुरंत लागू होंगी:
कर्ज वसूली पर रोक और पुनर्गठन: खेती से जुड़ी सभी तरह की कर्ज वसूली तुरंत रोक दी गई है, और फसल ऋण को मध्यम अवधि के ऋण में बदला जाएगा।
राजस्व और बिजली बिल में छूट: जमीन के राजस्व में पूरी छूट दी जाएगी। कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में रियायत मिलेगी और अभावग्रस्त गांवों में किसानों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे।
छात्रों की परीक्षा फीस माफ: प्रभावित तालुकों के स्कूली और कॉलेज छात्रों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की जाएगी।
पानी और चारे की व्यवस्था: पीने के पानी के लिए जरूरत के हिसाब से टैंकर शुरू किए जाएंगे। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
रोजगार हमी योजना के कामों में तेजी: रोजगार हमी योजना (MGNREGA) के मानदंडों में ढील देकर अधिक से अधिक अकुशल काम शुरू किए जाएंगे, ताकि खेत मजदूरों को काम मिल सके।
अन्न सुरक्षा और जलसंधारण: खेती पर निर्भर किसानों और खेत मजदूरों के लिए अनाज की कमी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। अभाव से निपटने के लिए जलसंधारण के काम युद्धस्तर पर शुरू किए जाएंगे।

