मुंबई: नितेश तिवारी की 'रामायण' के लॉस एंजिल्स प्रीमियर में रेड कार्पेट पर साई पल्लवी ने एक वाक्य कहा. वही वाक्य अब बहस का केंद्र है.
27 अक्टूबर के उस कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "उसी वक्त, एक शास्त्र के तौर पर, अगर आप आस्थावान हैं, तो अपने भीतर झांककर देखें — आपमें क्या अच्छा और क्या बुरा है, वह देखें और समय के साथ खुद को सुधारना सीखें. क्योंकि रावण पूरी तरह बुरा नहीं है. और यह जरूरी है कि हम अपने भीतर के रावण को पहचानें और समय के साथ बदलाव लाएं."
वह इस बारे में बोल रही थीं कि फिल्म भारतीय संस्कृति और महाकाव्यों को समझने में कैसे मदद करेगी. उनकी बात में आत्ममंथन का संदर्भ साफ था.
लेकिन क्लिप वायरल होने के बाद प्रतिक्रियाओं की दो साफ धाराएं बन गईं. एक तरफ वे लोग रहे जिन्हें लगा कि बात आत्मचिंतन की थी, और उन्होंने उनका बचाव किया. दूसरी तरफ कुछ लोगों ने शब्दों के चयन पर सवाल उठाया और पूछा कि रावण के बारे में ऐसा वाक्य कहना ठीक है या नहीं.
सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष अपनी दलीलें रख रहे हैं. अभिनेत्री ने अब तक इस बहस पर सफाई नहीं दी है.
फिल्म में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म का प्रचार दुनिया भर में चल रहा है और चेन्नई में भी एक कार्यक्रम हुआ था.
दूसरी तरफ कराची में फिल्म को हिंदू समुदाय का समर्थन मिलने की खबर भी आई है. एक स्थानीय यूट्यूबर के वीडियो में मंदिर में फिल्म का पोस्टर लगा दिखता है और लोग खुशी जता रहे हैं. कुछ लोगों ने फिल्म के ऑस्कर जीतने की उम्मीद भी जताई.
फिल्म पर चर्चा अब अभिनय से ज्यादा बयानों पर केंद्रित हो गई है. आने वाले दिनों में प्रीमियर और प्रमोशन के और वीडियो सामने आ सकते हैं.
साई पल्लवी ने पहले भी अपने इंटरव्यू में पौराणिक विषयों के प्रति सम्मान जताया है. फिल्म की टीम ने भी अब तक इस पर अपनी भूमिका साफ नहीं की है. इस बहस में उनका रुख क्या रहेगा, यह अगले दिनों में साफ होगा.