मुंबई : रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 5 से 7 अक्टूबर की बैठक के मिनट्स बुधवार को जारी किए. समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने का फैसला किया. करीब चार साल में यह पहली दर बढ़ोतरी है.
समिति ने रुख को "कैलिब्रेटेड टाइटनिंग" में बदला. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इसका मतलब है कि निकट भविष्य में दर कटौती का विकल्प बंद है और अगला कदम दर बढ़ोतरी या यथावत रखना ही होगा.
अगस्त में खुदरा महंगाई जुलाई के 4.5 फीसदी से बढ़कर 4.8 फीसदी हो गई. कोर महंगाई 4.2 फीसदी पर पहुंची. गवर्नर के मुताबिक, अगस्त में सीपीआई में 4 फीसदी से ज्यादा महंगाई वाली वस्तुओं का हिस्सा मार्च के 20 फीसदी से बढ़कर 37 फीसदी हो गया.
समिति ने 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5.2 फीसदी कर दिया. तीसरी तिमाही में महंगाई 6 फीसदी तक पहुंच सकती है, जो RBI की सहनशीलता की ऊपरी सीमा है. वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.1 फीसदी रखा गया.
दर बढ़ोतरी पर सभी सदस्य सहमत थे, लेकिन रुख बदलने का नागेश कुमार और राम सिंह ने विरोध किया. समिति की अगली बैठक 2 से 4 दिसंबर को होगी.