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एक भी शो नहीं, फिर भी 17 करोड़: रामायण की एडवांस बुकिंग में दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु आगे

5 नवंबर को रिलीज होने वाली रामायण की छह दिन पहले ही 3.33 लाख टिकट बिक चुके हैं और एडवांस बुकिंग 17.08 करोड़ रुपये तक पहुंची। हिंदी वर्जन की हिस्सेदारी 83 फीसदी; पांच बड़े शहरों में बेंगलुरु सबसे तेज बढ़ा।

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मुंबई: रिलीज में छह दिन बाकी हैं और आम दर्शकों के लिए एक भी शो नहीं हुआ। फिर भी रामायण ने भारत में 17.08 करोड़ रुपये के टिकट बेच दिए हैं।

शुक्रवार सुबह के एडवांस बुकिंग आंकड़ों में 6,780 शो में 3.33 लाख टिकट बिके। एग्जिबिटर और थोक खरीदारों की ब्लॉक की गई सीटों को छोड़कर आंकड़ा 2.74 लाख टिकटों से 14.23 करोड़ रुपये है, और कुल ऑक्यूपेंसी 21 फीसदी।

रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। गुरुवार सुबह 6 बजे के आंकड़े के बाद 1.52 करोड़ रुपये जुड़े, यानी 10 फीसदी की बढ़त, और 398 शो बढ़ाकर कुल संख्या 6,382 से 6,780 हो गई। उस दौरान 35,517 टिकट और बिके।

भाषा के हिसाब से बंटवारा खुद बोलता है। हिंदी वर्जन ने 14.17 करोड़ रुपये जुटाए, जो एडवांस ग्रॉस का करीब 83 फीसदी है। कन्नड़ 2.36 करोड़ पर है, करीब 14 फीसदी — यह आंकड़ा सीधे यश के रावण वाले किरदार से जुड़ता है। तेलुगु वर्जन ने 49.69 लाख और तमिल ने 5.49 लाख रुपये कमाए।

शहरों में दिल्ली-एनसीआर 41,115 टिकटों से 3.05 करोड़ के साथ आगे है। बेंगलुरु 49,579 टिकटों से 2.85 करोड़ पर दूसरे नंबर है और वहां पिछले दिन से 16 फीसदी बढ़त हुई — ट्रैक किए जा रहे पांच शहरों में सबसे तेज। मुंबई ने 32,953 टिकटों से 2.29 करोड़, हैदराबाद ने 25,593 से 89.35 लाख और कोलकाता ने 12,446 से 67.85 लाख रुपये दिए।

नितेश तिवारी के दो हिस्सों वाले रूपांतरण में रणबीर कपूर राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। नमित मल्होत्रा प्राइम फोकस की ओर से डीएनईजी के साथ और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से निर्माता हैं।

27 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। वहां की प्रतिक्रियाओं में भव्यता, संगीत और एक्शन की तारीफ हुई, रणबीर का राम और यश का रावण सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। कुछ ने अनुभव की तुलना द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स से की, कुछ ने कहा कि भव्यता कहानी के भावनात्मक केंद्र पर भारी पड़ती है।

रिलीज 5 नवंबर, दिवाली के दिन है। दूसरा हिस्सा पहले दिवाली 2027 के लिए तय था, अब दिवाली 2028 पर चला गया है।

यह आंकड़ा सिर्फ इस फिल्म का नहीं है। साल के सबसे बड़े सिनेमा वीकेंड पर रिलीज हो रही इस कीमत की हिंदी पौराणिक फिल्म सबसे साफ परीक्षा है कि महामारी के बाद बड़े पर्दे की आदत सचमुच लौटी है या दर्शक आठ हफ्ते रुककर ओटीटी पर देख लेंगे।