दुशांबे: आतंकवाद से निपटने में किसी तरह का दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए यह बात कही और आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को उखाड़ फेंकने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील की। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासन प्रमुखों की 25वीं बैठक में वे बोल रहे थे।
बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक दार भी मौजूद थे। 'आतंकवाद समाज को कट्टर बनाता है और युवाओं से वे मौके छीन लेता है जो उन्हें मिलने चाहिए। आतंकवाद का कोई जायज नहीं, उससे लड़ाई में कोई दोहरा मापदंड नहीं और आतंकियों को पैसा, समर्थन या पनाह देने वालों के लिए कहीं जगह नहीं,' सिंह ने कहा।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से बेकसूरों की जान जाती है और निवेश तथा व्यापार पर भी चोट पड़ती है। भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार और सप्लाई चेन में बाधा, ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा की चिंता और वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता से निपटने के लिए सदस्य देशों को आम सहमति से ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे सिंह ने पश्चिम एशिया के संघर्ष से सप्लाई चेन पर पड़े दबाव की ओर भी परोक्ष इशारा किया। 'बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में एससीओ देशों को मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर व्यापार-निवेश और टेक्नोलॉजी आधारित विकास पर मिलकर काम करना होगा,' उन्होंने कहा।
भारत का रुख साफ है — सुरक्षा, कनेक्टिविटी और मौकों के जरिए सभी सदस्य देशों का समावेशी विकास। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर और चाबहार बंदरगाह जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ेंगी।
सिंह ने 2026 से 2030 की अवधि के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्य योजना पर भारत के समर्थन को दोहराया। ताशकंद में यूनिवर्सल सेंटर और दुशांबे में नशा रोधी केंद्र बनाने के फैसलों का स्वागत करते हुए उन्होंने साल के अंत में भारत में होने वाले पहले 'एससीओ सभ्यता संवाद' में शामिल होने का न्योता सदस्य देशों को दिया। अगस्त-सितंबर 2026 में बिश्केक में हुए शिखर सम्मेलन की चर्चाएं भी उन्होंने याद दिलाईं।