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पुलिस मुख्यालय में रातभर डटी कांग्रेस, एनएसयूआई नेता से मारपीट केस में जीरो एफआईआर की मांग

प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में राजस्थान कांग्रेस के नेता जयपुर पुलिस आयुक्तालय में रातभर डटे रहे और एनएसयूआई नेता ऋतु बराला से दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर की मांग की। जयपुर पुलिस ने मना कर दिया और कहा कि मामले की जांच दिल्ली में चल रही है।

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जयपुर: प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में राजस्थान कांग्रेस के नेता जयपुर पुलिस आयुक्तालय के गलियारे में रातभर बैठे रहे और मंगलवार को भी अपना धरना जारी रखा। वे एनएसयूआई नेता ऋतु बराला से दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर की मांग कर रहे हैं।

राजस्थान की एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव बराला ने आरोप लगाया है कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस में दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षक ने उनसे मारपीट की। उन्होंने कहा कि आरक्षक ने उनकी गर्दन पकड़ी, उन्हें सीट पर धकेला, चेहरे पर नाखूनों से नोंचा और थप्पड़ मारा।

कांग्रेस की मांग लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश के बाद उठी, जिन्होंने डोटासरा से कानूनी कार्रवाई करने को कहा। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कई महिला विधायक भी प्रदर्शन में शामिल हुए। डोटासरा ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक वे धरना नहीं छोड़ेंगे।

जयपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और कहा कि वही घटना और तथ्य पहले से दिल्ली में जांच के दायरे में हैं, जहां बराला ने कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अतिरिक्त आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि मामले की जांच वहीं चल रही है।

कांग्रेस नेताओं ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(1) का हवाला देकर कहा कि जीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाने को भेजी जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल किया कि राजस्थान की एक बेटी को थाने-थाने क्यों भटकाया जा रहा है, और तुरंत एफआईआर की मांग की। पुलिस ने आयुक्तालय का मुख्य द्वार बंद रखा और अतिरिक्त जवान तैनात किए।