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‘सामना है तो आ जाइए’: राहुल गांधी ने मोदी को खुली बहस की चुनौती दी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मोदी ‘विदेशी मदद’ से प्रधानमंत्री बने और आज भी कुर्सी पर हैं। गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस पर मोदी ने विपक्ष को ‘अवरोध पक्ष’ कहा था।

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नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। ‘X’ पर उन्होंने लिखा, "मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद की वजह से पीएम बने। विदेशी मदद की वजह से आप आज भी पीएम हैं।"

यह बयान शनिवार (31 अक्टूबर) को गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में मोदी के भाषण के बाद आया। वहां मोदी ने कहा था कि देश में विपक्ष ‘विरोध पक्ष’ नहीं, ‘अवरोध पक्ष’ बन गया है।

"लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष की जिम्मेदारी है। लेकिन यह हमारा दुर्भाग्य है कि विरोध पक्ष आज अवरोध पक्ष बन गया है," मोदी ने कहा था। "अपनी हताशा में ये लोग देश के विकास के रास्ते में रुकावट बन रहे हैं। यह विरोध नहीं, अड़ंगा है।"

प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश कर रही हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाह फैलाने में हो रहा है। "विदेश में कौन चुपचाप किससे मिल रहा है? भारत विरोधी ताकतें किसका साथ दे रही हैं? भारत के दुश्मनों की भाषा कौन बोल रहा है? इन सारे पैटर्न को हमें पहचानना होगा," वे बोले।

जवाब में गांधी ने कहा, "आपकी वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में है और उनके सहयोग से चलती है। विदेशी सोशल मीडिया आपका पूरा साथ देता है।"

"इस पर मैं आपको खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, कोई भी वक्त। हिम्मत है तो आइए। आपकी हिम्मत नहीं होगी, क्योंकि आप डरते हैं कि मैं आपके बारे में क्या जानता हूं," उन्होंने कहा।

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि EVM, SIR और वोट चोरी के आरोपों पर चर्चा के लिए सरकार विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवान ने भी गांधी पर पलटवार किया और उनके विदेश दौरों पर सवाल उठाए।

एक नवंबर को 21 विपक्षी दलों की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।