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मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी; काफिले के हादसे की SIT जांच

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। मामला अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा था। उसी सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनके काफिले की पांच गाड़ियां टकराईं, जिसकी जांच के लिए यूपी पुलिस ने SIT बनाई है।

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सुल्तानपुर: 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बरी कर दिया।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (विशेष मजिस्ट्रेट) शुभम वर्मा ने फैसला सुनाया। मई 2018 में बेंगलुरु में गांधी ने शाह को एक हत्या के मामले का आरोपी बताया था। शाह को 2014 में एक विशेष सीबीआई अदालत ने बरी किया था।

शिकायत 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत दर्ज कराई थी। मिश्रा जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा की सुल्तानपुर इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।

गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने फैसले की पुष्टि की। शिकायतकर्ता के वकील संतोष पांडे ने बताया कि अदालत ने तीन सवाल जांचे — शिकायतकर्ता की ओर से दाखल सीडी असली है या नहीं, शिकायतकर्ता "पीड़ित व्यक्ति" है या नहीं, और टिप्पणी मानहानिकारक है या नहीं। "अदालत ने सीडी असली मानी, लेकिन शिकायतकर्ता को पीड़ित व्यक्ति नहीं माना और अमित शाह पर की गई टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं पाया। पूरा फैसला पढ़ना बाकी है," उन्होंने कहा।

मिश्रा ने कहा कि फैसले की सर्टिफाइड कॉपी मिलने के बाद वे वकील से सलाह लेकर पुनर्विलोकन याचिका पर विचार करेंगे।

कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया। पवन खेरा ने कहा कि अदालत ने टिप्पणी को सच्चा और गैर-मानहानिकारक माना है। "बात यह थी कि अमित शाह हत्या के मामले में आरोपी रहे हैं। अदालत ने इसे मान्यता दी," उन्होंने कहा।

सुबह करीब 10.15 बजे सुल्तानपुर जाते वक्त पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गईं। पुलिस के मुताबिक, हलियापुर इलाके में 91वें किलोमीटर के पास काफिले के आगे चल रही स्थानीय कांग्रेस नेताओं की एक निजी गाड़ी ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे की गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। हादसे में पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस शामिल थीं। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी घायल हुए। गांधी सुरक्षित हैं, पुलिस ने बताया।

दोपहर में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर बनी इस टीम के अध्यक्ष लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. हैं। सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और यातायात उपाधीक्षक राम कृष्ण चतुर्वेदी सदस्य हैं।

टीम हादसे के कारणों, लापरवाही, सुरक्षा और एस्कॉर्ट व्यवस्था में चूक तथा यातायात प्रबंधन की जांच करेगी। पुलिस मुख्यालय को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके उपाय सुझाने का निर्देश भी दिया गया है।

गांधी सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पत्रकारों से उन्होंने कुछ नहीं कहा।