चंडीगढ़: गुरविंदर उर्फ अफरीदी रविवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा. पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने उसे हिरासत में लिया और पंजाब के लिए रवाना हो गई.
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स पर यह जानकारी दी. उनके मुताबिक यह डोनी बल-प्रभ दासूवाल गैंग का प्रमुख सरगना है और इसकी गिरफ्तारी पर राज्य सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था.
मुहिम का नाम "ऑपरेशन शहीद" रखा गया. एजीटीएफ ने काउंटर इंटेलिजेंस के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह कार्रवाई की. एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में उसका पीछा किया गया.
शुरुआती जांच के मुताबिक अफरीदी विदेश से पंजाब में निशाना बनाकर की जाने वाली हत्याओं, रंगदारी से जुड़ी फायरिंग और दूसरे संगठित अपराधों को चला रहा था. ये आरोप जांच और अदालती कार्रवाई के दायरे में हैं.
अधिकारियों के मुताबिक उसे 6 नवंबर को इथियोपिया में पकड़ा गया और उसके बाद भारत भेजा गया. टीम का नेतृत्व एजीटीएफ के एसपी बिक्रम बराड़ कर रहे हैं.
अफरीदी तरनतारन जिले के तुत गांव का रहने वाला है. पंजाब पुलिस ने इसे अफ्रीकी देश से किसी फरार आरोपी को वापस लाने का अपना पहला मामला बताया.
उसके सफर की कड़ी इस तरह बताई जा रही है — 31 मार्च 2025 को वह मुंबई हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात गया. अप्रैल 2026 में केन्या, जून 2026 में अंगोला और नवंबर 2026 में इथियोपिया पहुंचा. पुलिस का आरोप है कि उसने फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया. वह पासपोर्ट 12 फरवरी 2025 को लखनऊ से गोरखपुर के एक व्यक्ति की पहचान और पते का इस्तेमाल कर जारी हुआ था.
2022 में तरनतारन जिले के ठक्करपुरा गांव में गिरजाघर पर हुए हमले की जांच में उसका नाम सामने आया था. उस मामले में चार नकाबपोशों ने चर्च के सुरक्षा गार्ड को बंदूक की नोक पर बंधक बनाया था.
इस मुहिम की निगरानी एजीटीएफ के विशेष पुलिस महानिदेशक प्रमोद बान और ओएफटीईसी के पुलिस महानिरीक्षक आशीष चौधरी ने की. विशेष पुलिस महानिदेशक (एजीटीएफ) और विशेष पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
आगे की जांच में उसके नेटवर्क और विदेश से चलाए जा रहे अपराधों के दायरे को खंगाला जाएगा.