चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 20 दिनों में दूसरी बार पंजाब का दौरा किया। ड्रग संकट से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से ड्रग कारोबार का सफाया कर दिया जाएगा।
शाह ने मानसा में शहीद हुए नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार, गुरदासपुर जिले के बटाला में बिक्रमजीत सिंह के परिवार और संगरूर में गुर्जर के परिवार से मुलाकात की। दौरे से पहले उन्होंने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर पंजाब को नशे की गिरफ्त में धकेलने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया कि झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी जाएगी। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने हत्या की CBI जांच की मांग को लेकर शाह को पत्र लिखा।
इस दौरे ने तीनों दलों को आमने-सामने ला दिया। कांग्रेस ने कहा कि सीमा पार ड्रग तस्करी रोकने में नाकामी की जिम्मेदारी केंद्र की भी है, और सवाल किया कि बारह साल बाद शाह को पंजाब की याद क्यों आई। आप ने भाजपा पर झोटा की मौत की राजनीति करने का आरोप लगाया।
शाह का संदेश चुनाव से पहले राज्य के वोटरों पर निशाना था। उन्होंने कहा कि पंजाब से नशा खत्म होने तक वे रुकेंगे नहीं। आप ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा शोकाकुल परिवारों को मंच बना रही है।
मानसा में नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले झोटा की गोली मारकर हत्या की गई थी, जिसने राज्य की राजनीति को हफ्तों तक हिलाया। हत्या के आरोपी केमिस्ट को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था और पुलिस ने उससे पिस्तौल बरामद होने की बात कही।