चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के दूसरे दिन शुक्रवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधायक आमनेसामने आ गए। सवालकाल में कांग्रेस विधायकों ने ड्रग्स के कारोबार और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगा। निंदा का पत्र लेकर वे सदन के बीच में पहुंच गए।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा के नेतृत्व में सत्ता पक्ष के विधायकों ने पलटवार करते हुए नारेबाजी की। चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा पर ड्रग्स मामले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें निशाना बनाया।
सदन के बाहर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और इस्तीफे की मांग की। इस बीच सदन ने शोक संदर्भ में ड्रग विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि दी। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
आप के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोरा ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह साफ करे कि 2027 का चुनाव जीतने पर मुफ्त बिजली, महिलाओं को आर्थिक मदद और 10 लाख रुपये की मुख्यमंत्री सेहत योजना जारी रहेगी या नहीं। सांसद राजा वड़िंग के बयानों की ओर इशारा करते हुए अरोरा ने कहा कि लाभ बंद होने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद भी मानसा में प्रदर्शन जारी है। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। दस दिन बाद भी उनका शव मानसा के अस्पताल में रखा है और परिवार ने मांगें पूरी होने तक पोस्टमॉर्टम से इनकार किया है। मानसा कोर्ट ने आरोपी अश्वनी कुमार, उनकी पत्नी नीलम रानी, विपिन कुमार और लाडी को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। सीबीआई ने झोटा के परिवार के बयान दर्ज किए और आरोपियों के घरों के आसपास पड़ोसियों से पूछताछ की। स्थानीय कार्रवाई समिति की दस मांगों में मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव का इस्तीफा भी शामिल है।