पुणे: हिंजेवाड़ी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर जिस कॉरिडोर का दस साल से इंतजार कर रहे थे, वह मंगलवार को खुल गया, हालांकि उस पर सफर बुधवार सुबह से ही शुरू होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो लाइन 3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया और दूसरे चरण के चार नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी। दोनों मिलाकर करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बालेवाड़ी के शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे।
23.203 किमी लंबी यह लाइन पूरी तरह एलिवेटेड है और मान से शुरू होकर हिंजेवाड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से होते हुए शिवाजीनगर के पास डिस्ट्रिक्ट कोर्ट स्टेशन तक जाती है। इसमें 23 स्टेशन हैं। यात्री सेवा 4 नवंबर सुबह 6 बजे शुरू होगी, पहले चरण में 17 स्टेशनों पर। बाकी छह स्टेशन जनवरी 2027 तक चरणों में खुलेंगे।
यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है, जो नेशनल मेट्रो रेल पॉलिसी, 2017 के तहत डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बना है। भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग समेत अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है।
दो बातें खास हैं। पूरी लाइन महिला ट्रेन ऑपरेटर ही चलाएंगी। और इसकी करीब 30 प्रतिशत बिजली सौर ऊर्जा से आनी है।
फडणवीस ने कहा कि हिंजेवाड़ी जाने वाले यात्री अक्सर एक से दो घंटे जाम में गुजार देते हैं, और पुणे में करीब 120 किमी मेट्रो कॉरिडोर या तो पूरा हो चुका है या बन रहा है। उन्होंने बताया कि लाइन 3 के लिए केंद्र ने वायबिलिटी गैप फंडिंग दी और भूमि अधिग्रहण राज्य ने किया।
मोदी ने इस मौके पर राष्ट्रीय आंकड़े गिनाए: चालू मेट्रो नेटवर्क 2014 के 248 किमी से बढ़कर करीब 1,200 किमी हो गया है और पांच शहरों से 26 शहरों तक पहुंच गया है, जहां रोज एक करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में मंजूर एक लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड का जिक्र किया और कहा कि सैकड़ों छोटे शहरों को विकास केंद्र बनाना होगा।
दूसरे चरण में लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं। 2ए वनाज़ को चांदनी चौक से जोड़ेगी, 2बी रामवाड़ी कॉरिडोर को विठ्ठलवाड़ी तक बढ़ाएगी, लाइन 4 खराड़ी से खडकवासला तक 25.52 किमी जाएगी और लाइन 4ए नाल स्टॉप से माणिक बाग तक 6.12 किमी।