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जरांगे ऑडियो क्लिप की SIT जांच कराएं; राऊत पर भाजपा का हमला

मनोज जरांगे के नाम पर चल रही ऑडियो क्लिप की सत्यता जांचने और उससे जुड़े 500 करोड़ रुपये के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की मांग की।

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जरांगे ऑडियो क्लिप की SIT जांच कराएं; राऊत पर भाजपा का हमला

मुंबई : भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने एक पत्रकार वार्ता में शिवसेना (उद्धव गुट) नेता संजय राऊत और महाविकास आघाडी पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने मनोज जरांगे के नाम पर चल रही ऑडियो क्लिप की सत्यता जांचने और उससे जुड़े 500 करोड़ रुपये के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की मांग की। रेहान वाड्रा के समर्थन को लेकर संजय राऊत पर निशाना साधते हुए बन ने आरोप लगाया कि "सत्ता के लिए हिंदुत्व गिरवी" रखने वाले राऊत की राजनीति बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूर जाकर कांग्रेस की चाकरी तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि रेहान वाड्रा के समर्थन के लिए चित्रप्रदर्शनी की तैयारी चल रही है। जरांगे की ऑडियो क्लिप पर बोलते हुए बन ने कहा कि "एआई के जमाने में हर ऑडियो क्लिप को सच नहीं माना जा सकता।" उन्होंने दावा किया कि इस क्लिप का संदर्भ दो साल पुराना है, और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच सामने लाने की मांग की। 500 करोड़ रुपये के आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब एक रुपये का भी लेनदेन न होने का दावा किया जा रहा है, तो 500 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया? आरोप गंभीर हैं और जांच भी उतनी ही गंभीर होनी चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा। "ऑडियो क्लिप के पीछे कौन है?" सवाल उठाते हुए बन ने राऊत के "एक पत्थर से तीन पक्षी" वाले बयान की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने मांग की कि भाजपा, एकनाथ शिंदे और मनोज जरांगे को बदनाम करने वाली इस क्लिप के पीछे के सूत्रधार की पड़ताल एसआईटी करे। क्लिप के एआई से बनी होने की आशंका जताते हुए उन्होंने इसकी तकनीकी जांच कराने की अपील की। सबूत हों तो एसआईटी को सौंपने की अपील करते हुए बन ने कहा कि "आरोप नहीं, सबूत दीजिए; सच जांच से ही सामने आएगा।" उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं और अब सच सामने आने का इंतजार है। इसके अलावा, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं को "10-10 हजार रुपये बांटे जाने" के आरोप पर बन ने राऊत को सबूत पेश करने की चुनौती दी और पुणे तथा छत्रपती संभाजीनगर के उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए इस आरोप में तथ्य न होने का दावा किया। अदानी-अंबानी के मुद्दे पर महाविकास आघाडी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि "एक तरफ अदानी-अंबानी पर आरोप और दूसरी तरफ उनके ही घर पर स्वागत" विपक्ष के दोहरे रवैये का नमूना है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता की बागडोर जनता के हाथ में है और मोदी-शाह के नेतृत्व पर जनता का भरोसा है। सुप्रिया सुले के स्पाई कैमरा आरोपों पर बन ने कहा कि हजारों स्पाई कैमरों का दावा किया जा रहा है, लेकिन एक भी सबूत क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि सबूत हों तो दिखाएं और मतदाताओं को डराने की राजनीति बंद करें। स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से उन्होंने अफवाहों पर विश्वास न कर निडर होकर मतदान करने की अपील की।