नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर फैला एक फर्जी वीडियो अब मुकदमे तक पहुंच गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कृत्रिम तरीके से बनाया गया वीडियो शेयर करने पर दिल्ली पुलिस ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह मामला स्पेशल सेल थाने में दर्ज हुआ। 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को @thequotesnews हैंडल की पोस्ट मिली, जिसमें दावा था कि यह वीडियो भूषण के एक्स अकाउंट से शेयर हुआ था।
पुलिस के मुताबिक वीडियो में भ्रम फैलाने वाला और भड़काऊ कंटेंट था, जिससे अफवाहें फैल सकती थीं, लोगों की बदनामी हो सकती थी और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती थी। भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से पहले विदेश मंत्रालय ने क्लिप की जांच कर उसे फर्जी बताया था। उस क्लिप में दिखाया गया था कि लावरोव भारत के अंदरूनी मामलों और तेल खरीद पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस अभी वीडियो के कंटेंट और उसके प्रसार की जांच कर रही है।
यह घटना एक बड़ी बहस का हिस्सा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल से बने फर्जी वीडियो अब आम लोगों से लेकर सार्वजनिक शख्सियतों तक सबके हाथ लग रहे हैं। जब इनमें देश की विदेश नीति से जुड़ा कंटेंट हो, तो ये और तेजी से फैलते हैं।
कानूनी लिहाज से अहम बात यह है कि वीडियो बनाया न हो, तब भी उसे शेयर करना अपराध के दायरे में आ सकता है। लेकिन आरोप साबित करने के लिए जांच में यह सवाल अहम होगा कि उस शख्स को पता था या नहीं कि क्लिप फर्जी है।
भूषण की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।