नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दशहरे के कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में एकजुट होने की अपील की. यह अपील परिसीमन से जुड़े महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति बनाने की सरकार की कोशिशों के बीच आई.
राजधानी में विजयादशमी के कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने नागरिकों से 'राष्ट्र प्रथम' के मंत्र के साथ काम करने को कहा. उन्होंने कहा कि देश को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतें, समाज को बांटने वाले लोग और हमारी संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता — ये सब राष्ट्र के दुश्मन हैं.
'रामराज्य' को सुशासन का मानक बताते हुए मोदी ने कहा कि वहां किसी से भेदभाव नहीं होता, सबको न्याय मिलता है, समान अवसर होते हैं और सत्ता का मकसद राज करना नहीं, जनकल्याण होता है. संस्कृत श्लोक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी संस्थाओं और दलों को राष्ट्रहित में एकजुट होकर देश के दुश्मनों के खिलाफ लड़ना चाहिए.
यह टिप्पणी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आई.
इस बीच, लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 815 करने और महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने वाला विधेयक अप्रैल में दो-तिहाई बहुमत के अभाव में लोकसभा में गिर गया था.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कोई नया विधेयक लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को खरगे को जवाब दिया. 'सभी राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सभी दलों की भागीदारी सरकार के लिए अहम है,' उन्होंने कहा. कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने सरकार से तीन सवाल पूछे और जानना चाहा कि क्या नया परिसीमन प्रस्ताव है. खरगे 21 अक्टूबर को मोदी से मुलाकात करेंगे.