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एआई से मिली गंभीर खामी के चलते यूरोप-अमेरिका की सरकारी वेबसाइटें ठप

वेब प्रोग्रामिंग भाषा पीएचपी में एआई की मदद से पता चली गंभीर सुरक्षा खामी के कारण यूरोप और अमेरिका की कई सरकारी वेबसाइटें बंद पड़ गईं। फिनलैंड की सरकारी वेबसाइट बुधवार को आंशिक रूप से ही उपलब्ध थी। विशेषज्ञों ने इंटरनेट के बड़े हिस्से पर खतरे की बात कही है।

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नई दिल्ली: वेब प्रोग्रामिंग भाषा की एक गंभीर सुरक्षा खामी के चलते यूरोप और अमेरिका की कई सरकारी वेबसाइटें बुधवार को ठप पड़ गईं। कहा जा रहा है कि यह खामी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पकड़ में आई।

यह असर पीएचपी नाम की वेब प्रोग्रामिंग भाषा की खामी से हुआ। फिनलैंड की सरकारी वेबसाइट बुधवार को आंशिक रूप से ही उपलब्ध थी। वहां आने वालों को संदेश दिख रहा था, "तकनीकी गड़बड़ी के कारण सरकारी वेबसाइटें अस्थायी रूप से पूरी या आंशिक रूप से बंद हैं। समस्या हल करने का काम जारी है।"

दुनिया का एक बड़ा हिस्सा पीएचपी पर चलता है। इसलिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि इस खामी का दायरा बड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि इससे वेबसाइटों की संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती है।

बताया जा रहा है कि एआई औजारों ने यह खामी पकड़ी। साइबर हमलावरों से पहले रक्षकों को यह जानकारी मिलने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन फौरन उपाय करना जरूरी है।

भारत में भी पीएचपी पर कई वेबसाइटें और सेवाएं चलती हैं। इसलिए घरेलू संस्थाओं को भी अपने सिस्टम की जांच कर सुरक्षा अपडेट करनी चाहिए, ऐसी सलाह विशेषज्ञों ने दी। सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों की वेबसाइटों की तुरंत सुरक्षा जांच की अपील की जा रही है।

पीएचपी वेबसाइट और सेवाएं बनाने के लिए दुनिया भर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली भाषा है। कई सरकारी योजनाएं, स्कूल, अस्पताल और बैंकों की वेबसाइटें इस पर आधारित होती हैं। इसलिए ऐसी खामी का असर बड़ा हो सकता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने संस्थाओं को फौरन सिस्टम अपडेट करने की सलाह दी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रक्षकों को हमलों से पहले खामी मिल सकती है, जिससे सुरक्षा तंत्र में एआई का महत्व बढ़ा है। उपयोगकर्ताओं से कहा गया कि संदिग्ध वेबसाइटों पर निजी जानकारी न दें।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी खामियों पर समय पर उपाय न करने से डेटा चोरी और सेवाएं ठप होने का खतरा बढ़ता है। संस्थाओं को नियमित सुरक्षा जांच करनी चाहिए और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना चाहिए।