मंत्रालय की समिति कक्ष में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में और आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके की मुख्य उपस्थिति में इस संबंध में अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विधायक राजू तोडसाम के साथ विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के मुख्य मुद्दे और लिए गए फैसले: जिलेवार रिक्त पदों की समीक्षा:
बैठक में अनुसूचित जनजाति वर्ग की भर्ती, रिक्त पदों की मौजूदा स्थिति, विभिन्न सूचियों, बिंदु नामावली (रोस्टर), सेवा प्रवेश नियमों और भर्ती प्रक्रिया की तकनीकी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी तुरंत जुटाकर जिलेवार रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।
विभागीय तालमेल और लंबित मामलों का निपटारा:
उपलब्ध पदों, आरक्षण की स्थिति और भर्ती प्रक्रिया के लंबित मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने साफ किया कि राज्य स्तर की दिक्कतें संबंधित विभाग आपसी तालमेल से सुलझाएं।
'स्थानीय अनुसूचित जनजाति' मानदंड पर स्पष्टता:
भर्ती के दौरान 'स्थानीय अनुसूचित जनजाति' मानदंड की वजह से कुछ इलाकों में उत्पन्न समस्याओं पर बैठक में गहन चर्चा हुई। सरकारी आदेश, संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों तथा अदालती फैसलों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग इस पर स्पष्ट और सर्वसमावेशी दिशा-निर्देश तय करेंगे।
कर्मचारियों की सेवा स्थिति पर प्रस्ताव:
मुख्य सचिव ने पेसा कानून लागू होने से पहले और बाद में नियुक्त कर्मचारियों तथा प्रशासकीय या जिला तबादले से पेसा क्षेत्र में आए कर्मचारियों की सेवा स्थिति स्पष्ट करने के लिए सटीक जानकारी जुटाने और उचित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
'पवित्र पोर्टल' से शिक्षक भर्ती को गति:
पेसा क्षेत्र में शिक्षक भर्ती की स्थिति की भी विशेष समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पवित्र पोर्टल पर मिले आवेदन, पात्र उम्मीदवारों की संख्या और जिलेवार शिक्षकों की जरूरत की जांच करके जिन जिलों में शिक्षकों की कमी है, वहां प्राथमिकता से शिक्षक उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।

