भुवनेश्वर: आंध्र प्रदेश ने विवादित कोटिया इलाके में पंचायत चुनाव की घोषणा की है, जिसके बाद ओडिशा सरकार ने वहां पुलिस और राजस्व विभाग के एक-एक अधिकारी तैनात करने का फैसला किया है. ये अधिकारी आंध्र की हलचल और ओडिशा के विकास कामों पर नजर रखते हुए राज्य सरकार को नियमित रिपोर्ट देंगे.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया. कोरापुट के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, दक्षिण राजस्व मंडल आयुक्त, महाधिवक्ता, विधि सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
पुजारी ने कहा कि ओडिशा के क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी विकल्प तलाशे जाएंगे, और जरूरत पड़ने पर लंबित अवमानना याचिका दोबारा चलाई जाएगी या नई याचिका दायर की जाएगी.
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश की कोटिया में पंचायत चुनाव की हलचल के बाद राज्य की क्षेत्रीय अखंडता बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की थी.
बीजेडी ने सत्तारूढ़ भाजप पर निशाना साधा. बीजेडी के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने आरोप लगाया कि केंद्र में तेलुगु देशम पार्टी पर निर्भरता के चलते कोटिया और महानदी जैसे विवादों में ओडिशा का पक्ष कमजोर पड़ गया. उन्होंने दावा किया कि आंध्र प्रदेश ने फागुनसिनेरी, गंजेईपदर और फातुसिनेरी जैसे विवादित गांवों में चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का यथास्थिति आदेश जारी है.
खनिज राजस्व पर भी बीजेडी ने भाजप पर आरोप लगाया. मोहंती ने दावा किया कि एमएमडीआर संशोधन कानून, 2026 को भाजप के समर्थन से ओडिशा का खनिज भूमि पर हक कमजोर हुआ, जिससे करीब एक लाख करोड़ रुपये की बकाया और 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
बीजेडी ने कोटिया के निवासियों के पक्ष में लड़ने का संकल्प जताया.