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खनिज राजस्व, कोटिया और महानदी पर बीजेडी का भाजप पर निशाना

ओडिशा के खनिज राजस्व और कोटिया-महानदी विवाद पर बीजेडी ने भाजप पर हमला बोला है. नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंध्र की अधिसूचना पर सवाल उठाए हैं.

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भुवनेश्वर: ओडिशा के खनिज राजस्व और कोटिया तथा महानदी विवाद को लेकर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने भाजप पर तीखा हमला किया है. पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र में टीडीपी पर निर्भरता के कारण ओडिशा के हित की लड़ाई लड़ने का भाजप का इरादा कमजोर पड़ गया है.

बीजेडी प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन महंती ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि खनिज और सह-खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को भाजप के समर्थन से ओडिशा के खनिज वाले इलाकों पर उसका हक खतरे में पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि इससे बकाया और अन्य नुकसान मिलाकर करीब एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

दूसरी ओर, बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा. उन्होंने कोरापुट जिले के कोटिया इलाके के तीन विवादित गांवों में आंध्र प्रदेश द्वारा पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने का मुद्दा उठाया.

पटनायक ने सवाल किया कि आंध्र में टीडीपी के साथ भाजपा का गठबंधन कोटिया विवाद निपटाने में ओडिशा सरकार की क्षमता को प्रभावित कर रहा है या नहीं. दोनों राज्यों का यह विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

ओडिशा सरकार ने दोहरे मापदंड का आरोप खारिज किया है. अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार अपने हक और सीमा की रक्षा करेगी.

कोटिया कोरापुट जिले का सीमावर्ती इलाका है, जहां के कई गांवों पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों दावा करते हैं. यह विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. बीजेडी का कहना है कि केंद्र में गठबंधन का दबाव भाजपा को ओडिशा के पक्ष में सख्त रुख लेने से रोक रहा है.

महंती ने साफ किया कि महानदी जल विवाद और खनिज राजस्व, दोनों मुद्दों पर बीजेडी सरकार को घेरती रहेगी.