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दशहरे पर एनएसयूआय का विरोध, मोदी-शाह-ज्ञानेश कुमार के मुखौटों संग रावण जलाया

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआय ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटों संग रावण का पुतला जलाया. यह विरोध मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर हुआ.

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नई दिल्ली: कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआय) ने मंगलवार, दशहरे के दिन दिल्ली में रावण का पुतला फूंका, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगे थे.

पुतले पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उद्योगपति गौतम अदानी के चेहरे भी थे. कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर गद्दी छोड़...' जैसे नारे लगाए.

इसी दिन लखनऊ में भी एनएसयूआय कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का रावण के रूप में बना पुतला फूंका. यूथ कांग्रेस दफ्तर पर हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआय उत्तर प्रदेश सेंट्रल के प्रदेश सचिव आशुतोष मिश्रा ने किया.

ये विरोध मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच हुए हैं. ये आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और इन्हें साबित गलत काम के तौर पर स्थापित नहीं किया गया है.

एनएसयूआय कांग्रेस की छात्र इकाई है और दशहरे के मौके पर यह विरोध किया गया. कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर गद्दी छोड़...' जैसे नारे लगाए. लखनऊ में पुतले को रावण के रूप में बनाया गया था.