मंत्रालय में नाशिक जिला मछुआरा व कृषि सहकारी संघ के कामकाज और परिसमापन पर रोक को लेकर अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा विशेष सहायता मंत्री नरहरी झिरवाळ, मत्स्य आयुक्त भानुदास पालवे, मत्स्योद्योग महामंडल के प्रबंध निदेशक प्रकाश खपले और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के मुख्य बिंदु और लिए गए फैसले: बिचौलियों का दखल रोका जाएगा:
सरकार मछुआरा सहकारी संस्थाओं का कामकाज और सक्षम बनाने के लिए पूरा सहयोग देगी। संस्थाओं और सदस्यों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना चाहिए। इसमें किसी भी बिचौलिये का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यह मंत्री नितेश राणे ने दृढ़ता से कहा।
पारदर्शी कामकाज और रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश:
संस्था के रोजमर्रा के कामकाज के साथ मत्स्य उत्पादन, भंडार, वित्तीय बैलेंस शीट और अन्य सभी प्रशासनिक रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं। साथ ही स्पष्ट किया गया कि संबंधित सभी दस्तावेज और रिपोर्ट समय पर सरकार को जमा करना अनिवार्य है।
वस्तुनिष्ठ जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई:
संस्था के कामकाज से जुड़ी शिकायतों और मामलों की वस्तुनिष्ठ जांच की जाएगी। उसके बाद नियमों के दायरे में रहकर ही आगे की उचित कार्रवाई होगी, यह भरोसा बैठक में दिया गया।
आय बढ़ाने के लिए सरकारी निधि और योजनाओं का सहारा:
मछुआरा सहकारी संस्थाओं की आय बढ़ाने और उनका अस्तित्व बनाए रखने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं, जरूरी निधि और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी। मंत्री ने संस्थाओं से अपने वित्तीय लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

