नवी मुंबई: बुनियादी ढांचे पर असर का अध्ययन पूरा होने तक एकीकृत पुनर्विकास (क्लस्टर) परियोजनाओं को मंजूरी न देने का प्रस्ताव नगर निगम में पास हुआ था। उस प्रस्ताव पर लाल निशान लगाते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शहरी विकास विभाग ने वाशी और घणसोली की पांच बड़ी क्लस्टर परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इससे वन मंत्री गणेश नाईक ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
घणसोली और वाशी इलाके में सवा लाख वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र की क्लस्टर परियोजनाएं मंजूरी का इंतजार कर रही थीं। नगर आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति ने इनमें से तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। नगर निगम की महासभा में सभी क्लस्टर परियोजनाओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव पास हुआ था।
नाईक ने कहा कि शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले लेने का पूरा हक स्थानीय निकाय को है और शहरी विकास विभाग ने इसी नियम को दरकिनार किया है। 'नगर निगम एक स्वायत्त संस्था है। जिन सोसाइटियों में भीड़भाड़ नहीं है, वहां किसी भी हालत में यूआरएस लागू नहीं होने दूंगा। जरूरत पड़ी तो खुद कोर्ट जाऊंगा,' उन्होंने चेताया।
नाईक ने कहा कि भीड़भाड़ वाली बस्तियों को छोड़कर अच्छी हालत वाली सोसाइटियों पर यह योजना थोपी गई तो वहां के मूल निवासियों के लिए जरूरी एफएसआई नहीं बचेगी। महासभा ने पूरे शहर की इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट बनाने का फैसला किया है और इसके लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
शिवसेना (शिंदे गुट) के जिला प्रमुख किशोर पाटकर ने नाईक और उनके समर्थकों पर परियोजनाएं रोकने का आरोप लगाया। 'जर्जर और रहने लायक नहीं बची इमारतों का पुनर्विकास रोकते समय वहां के रहिवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?' उन्होंने पूछा।
नगर निगम की सत्ता शिंदे और नाईक के बीच टकराव की वजह बनी हुई है। शहरी विकास विभाग ने सोमवार को जो फैसला लिया, उससे उच्चाधिकार समिति के पास लंबित सभी क्लस्टर परियोजनाओं पर रोक हट गई और नाईक समर्थकों को बड़ा झटका लगा।
आरोग्यवर्धिनी केंद्रों के लोकार्पण कार्यक्रम में नाईक ने विरोधियों को चेताया। 'विरोधी सुधर जाएं तो ठीक, वरना अपने तरीके से सीधे कर दूंगा। अगले छह महीने में यह सबको दिखेगा,' उन्होंने कहा। शहर में पानी की किल्लत के बीच उन्होंने निर्माण, गाड़ियां धोने और अन्य कामों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक के निर्देश दिए। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण से नवी मुंबई को चाहिए जितना पानी न मिलने पर नाराजगी भी जताई।