सूत्रों के अनुसार, फडणवीस ने यह सिफारिश महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को भेजी है। प्रस्तावित समिति की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद समिति के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
अनुच्छेद 317 के तहत जांच का प्रस्ताव
यह सिफारिश संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत की गई है, जो लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को हटाने और सदस्यों को निलंबित करने से जुड़ा है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब एमपीएससी के इच्छुक उम्मीदवार पुणे में आंदोलन जारी रखे हुए हैं। उनकी मुख्य मांग एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की है। मंगलवार को छठे दिन में पहुंचे इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं और संगठनों का समर्थन मिला है।
आंदोलनकारियों ने एमपीएससी परीक्षाओं के स्वरूप पर चिंता जताने के साथ कई मांगें भी रखी हैं। फिर भी भीमनवार को हटाने की मांग केंद्र में बनी हुई है।
30 सितंबर को फडणवीस की एमपीएससी के इच्छुक उम्मीदवारों के शिष्टमंडल के साथ बैठक के बाद यह प्रस्तावित जांच हो रही है। इसके बाद सरकार ने घोषणा की थी कि अनुच्छेद 317 के तहत तीन महीने में एमपीएससी के मौजूदा और पूर्व अध्यक्षों तथा सदस्यों के कामकाज की न्यायिक जांच कराई जाएगी।
एमपीएससी सचिव की प्रतिनियुक्ति रद्द
आयोग के कामकाज को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी के सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपळकर की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी है।
छात्रों ने हरपळकर और भीमनवार, दोनों पर कार्रवाई की मांग की थी। सरकार ने सचिव पर कार्रवाई की है, लेकिन अध्यक्ष को हटाने का मुद्दा जारी आंदोलन के केंद्र में बना हुआ है।
सरकार ने कहा है कि एमपीएससी अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है, इसलिए उन्हें हटाने की प्रक्रिया आम सरकारी अधिकारियों से अलग है। फडणवीस ने पहले कहा था कि राज्य सरकार और राज्यपाल अध्यक्ष को आसानी से नहीं हटा सकते।
पुणे में आंदोलन जारी
पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भर्ती से जुड़ी चिंताओं को लेकर एमपीएससी के इच्छुक उम्मीदवार पुणे की कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन आंदोलनों को विपक्ष के नेता और अन्य राजनीतिक हस्तियों का समर्थन भी मिला है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 7 या 8 अक्टूबर को आंदोलन कर रहे छात्रों से मिल सकते हैं। एमपीएससी अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने दी है।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी आंदोलनकारी छात्रों को समर्थन दिया है और पेपर लीक व भर्ती संबंधी चिंताओं पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
फडणवीस की इस ताजा सिफारिश से आयोग के मौजूदा और पूर्व नेतृत्व के कामकाज की जांच के लिए औपचारिक व्यवस्था बनने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

