नई दिल्ली : चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे मतदान शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के पदवीधर और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी। बैलेट पेपर से वोट पड़ रहे हैं और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक खत्म हो जाएगी।
सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश का है — 11 सीटें, जिनमें पांच पदवीधर और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। करीब 14.81 लाख मतदाता 152 उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर 72 जिलों के 2,697 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, इसलिए इस लड़ाई को अहम माना जा रहा है। निवृत्त हो रहे 11 सदस्यों में छह भाजपा के, तीन समाजवादी पार्टी के और दो निर्दलीय हैं। भाजपा ने सभी 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
बिहार में आठ सीटों — चार पदवीधर और चार शिक्षक — के लिए 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। 5,32,847 मतदाता 933 केंद्रों पर वोट डालेंगे। जदयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के अनुज सिंह को समर्थन दे दिया है, जिससे पटना पदवीधर सीट चर्चा में है।
महाराष्ट्र में पांच सीटों के लिए 182 उम्मीदवार हैं। 10,68,072 मतदाता 2,419 केंद्रों पर वोट करेंगे। सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी, दोनों जीत का दावा कर रहे हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा-जद(एस) गठबंधन आमने-सामने हैं। भाजपा के पास चार में से तीन सीटें हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि अलीगढ़ में उनके दोनों उम्मीदवार जीतेंगे। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इस चुनाव में मतदाताओं को बैलेट पेपर पर अपनी पसंती का क्रमांक लिखना होता है। इसके लिए चुनावी व्यवस्था खास बैंगनी रंग का पेन देती है; दूसरे पेन इस्तेमाल करने पर मतपत्र रद्द हो सकता है। इस चुनाव में नोटा का विकल्प नहीं है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर में 12वीं तक के स्कूल बंद रखे गए हैं, जबकि मतदान के दिन शराब की दुकानें भी बंद रहीं। कर्नाटक में भाजपा-जद(एस) गठबंधन के तालमेल और कांग्रेस के वोट बेस की यह परीक्षा मानी जा रही है। मतगणना के बाद चारों राज्यों की विधान परिषदों का नया स्वरूप साफ होगा।