मुख्य सामग्री पर जाएं
मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री
राजनीतिमेघालय

यूडीपी के चार में से तीन विधायक सत्तारूढ़ एनपीपी में शामिल हो सकते हैं

मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के बचे चार विधायकों में से तीन के सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी में शामिल होने की संभावना है, जिससे राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन का गणित और बदल जाएगा।

· · 1 मिनट में पढ़ें

शिलांग: मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के बचे चार विधायकों में से तीन के सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल होने की संभावना है। इससे राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन का गणित और बदल जाएगा।

शिलांग से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मेघालय की क्षेत्रीय पार्टियां एनपीपी की अगुवाई वाली सरकार के इर्द-गिर्द फिर से जमने लगी हैं।

यूडीपी राज्य की पुरानी क्षेत्रीय पार्टियों में से है और पिछली सरकारों की सहयोगी रही है। उसके विधायकों के एनपीपी में जाने से विधानसभा में पार्टी की मौजूदगी बहुत कम रह जाएगी।

मेघालय में जहां क्षेत्रीय दल और निर्दलीय अक्सर तय करते रहे हैं कि सरकार किसकी बनेगी, वहां इस तरह के दलबदल और विलय का महत्व उनकी संख्या से बढ़कर होता है, क्योंकि इससे सत्तारूढ़ गठबंधन की बनावट प्रभावित होती है।

उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में पार्टियां आगामी चुनावों से पहले अपनी स्थिति बदल रही हैं। मेघालय में सरकार की अगुवाई एनपीपी करती है।

औपचारिक रूप से शामिल होने के समय की कोई तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विधायकों ने अपनी योजनाएं सार्वजनिक रूप से नहीं बताई हैं। कानून के तहत किसी विधायक का दूसरे दल में जाना परिस्थितियों के आधार पर दलबदल विरोधी प्रावधानों के दायरे में आ सकता है।

शिलांग में इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिरता और विपक्ष की ताकत दोनों कुछ ही विधायकों के फैसलों से जुड़ी हैं।

मेघालय में क्षेत्रीय दलों के बीच गठजोड़ बार-बार बदलते रहे हैं और विधायक चुनावों के बीच दल बदलते रहे हैं। राज्य में एनपीपी की अगुवाई वाली सरकार को सहयोगी दलों और निर्दलीयों का समर्थन है।