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मेघालय में सत्तारूढ़ एनपीपी में और तीन विधायक शामिल होंगे

मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के बचे चार विधायकों में से तीन मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की एनपीपी में शामिल होने की तैयारी में हैं। इससे 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी की ताकत 33 से 36 हो जाएगी।

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शिलांग : मेघालय में मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) की विधानसभा में ताकत बढ़ने वाली है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के बचे चार विधायकों में से तीन के सत्तारूढ़ पार्टी में जाने की संभावना है।

यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने बताया कि पार्टी के चार विधायकों में से तीन एनपीपी में जाएंगे, जिससे एनपीपी की ताकत 33 से 36 हो जाएगी। सोमवार को सामने आई इस घटनाक्रम से यूडीपी के पास एक ही विधायक बचेगा।

मेघालय में ऐसी पुनर्गठन नई नहीं है — चुनावों के बीच गठबंधन का गणित बार-बार बदला है। एनपीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने राज्य में सरकार चलाई है, और तीन विधायकों के आने से सत्तारूढ़ पार्टी को सदन में मजबूत आधार मिलेगा।

इस घटनाक्रम ने राज्य में विपक्ष की जगह भी बदल दी है। विधानसभा में यूडीपी के सदस्य कम होने से सीट बंटवारे में दबाव बनाने और सरकार को घेरने की उसकी क्षमता घटेगी, हालांकि नेतृत्व सत्ता पक्ष से सौहार्द बनाए हुए है।

लिंगदोह की टिप्पणी से लगता है कि इसे अलग-अलग विधायकों का फैसला बताया जा रहा है, औपचारिक विलय नहीं — यह अंतर रिकॉर्ड और दलबदल से जुड़े सवालों के लिए अहम होगा।

तीनों विधायकों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मेघालय 2028 में विधानसभा चुनाव कराने वाले राज्यों में है, और सदन में पार्टी की ताकत अब उस लड़ाई की दिशा तय करेगी।

सत्तारूढ़ गठबंधन में एनपीपी की ताकत बढ़ने से आने वाले विधानसभा सत्र और बजट गणित आसान होगा। मेघालय में गठबंधन सरकार की परंपरा रही है, जिससे छोटे दलों को सत्ता में हिस्सेदारी मिलती है। इस बदलाव से विपक्षी बेंचों की संख्या और रणनीति बदलेगी।