शिलांग : मेघालय के राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर ने सोमवार को बह पॉल लिंगदोह को कैबिनेट में पद की शपथ दिलाई। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष मेटबा लिंगदोह के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा को इस्तीफा देने के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के नेतृत्व ने यह कदम उठाया।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग और स्नियाबहालांग धर, अन्य मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए संगमा ने कहा कि नए मंत्री को कौन से विभाग दिए जाएं, यह फैसला "एक दिन में" हो जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं एक-दो दिन में फैसला कर लूंगा। कृपया मुझे वह करने दें। कल तक आपको विभागों की जानकारी मिल जानी चाहिए।"
आगे और फेरबदल होंगे या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने साफ इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा, "राजनीति हमेशा नाजुक होती है और कई चीजें होती रहती हैं। हमें लगा नहीं था कि ऐसी स्थिति आएगी, लेकिन वह आई। इसलिए मैं कुछ भी नकारता नहीं। सामान्य हालात में अब ऐसा कुछ होने की उम्मीद नहीं है। हमें उम्मीद है कि यह सरकार और ये मंत्री अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।"
संगमा ने पुष्टि की कि तृणमूल कांग्रेस के तीन मौजूदा एमडीसी 4 नवंबर को एनपीपी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "हां, टीएमसी के तीन मौजूदा एमडीसी चौथी तारीख को हमारे साथ आ रहे हैं।" क्या कोई टीएमसी विधायक भी आएगा, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात उन तक नहीं पहुंची है।
यूडीपी अध्यक्ष पर कैबिनेट से इस्तीफा देने का दबाव डालने के आरोप का संगमा ने साफ खंडन किया। उन्होंने कहा, "बिल्कुल नहीं। सच कहूं तो राजनीति में कभी-कभी ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो अच्छे नहीं लगते। लेकिन हालात के हिसाब से लेने पड़ते हैं।"
संगमा ने यह भी बताया कि मेटबा ने उन्हें खुद कहा था कि 11 विधायकों के जाने के बाद मंत्री पद पर बने रहना उन्हें नैतिक रूप से सही नहीं लगा। सितंबर में यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में विलीन हुए थे, जबकि तीन एनपीपी में गए। यूडीपी की ताकत 12 से घटकर एक रह गई है।