मुंबई: नरीमन पॉइंट के मनोरा एमएलए हॉस्टल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत दो हाईराइज इमारतों की लागत बढ़कर 2,009 करोड़ रुपये हो गई है. पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, 5.39 के एफएसआई से जुड़े अतिरिक्त डेवलपमेंट चार्ज और इंटीरियर व फर्नीचर की लागत से बिल बढ़ा. दोनों टावरों पर काम चल रहा है और मार्च 2028 तक उद्घाटन का लक्ष्य है.
मार्च 2019 में बीएमसी ने मनोरा एमएलए हॉस्टल की चार 14 मंजिला इमारतों को जर्जर घोषित करके गिरा दिया था. उसी साल राज्य सरकार ने इनकी जगह दो हाईराइज बनाने के लिए बोली मांगी, बेस प्राइस 862 करोड़ रुपये. काम पहले केंद्रीय पीएसयू एनबीसीसी को दिया गया. दिसंबर 2020 में राज्य में सरकार बदलने के बाद यह राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपा गया.
मार्च 2023 में पीडब्ल्यूडी ने डिजाइन-एंड-बिल्ड आधार पर यह कॉन्ट्रैक्ट एल एंड टी को 1,266 करोड़ रुपये में दिया. इसके बाद लागत 1,750 करोड़ और हाल में 2,009 करोड़ रुपये हो गई. अधिकारियों के मुताबिक नई बढ़ोतरी में डेवलपमेंट चार्ज के 55.50 करोड़ रुपये अतिरिक्त शामिल हैं.
एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि हाल की एक बैठक में राज्य सरकार ने दोनों टावरों के उद्घाटन का लक्ष्य मार्च 2028 तय किया. 'टावर ए 42 मंजिला है और 34वीं मंजिल तक पहुंच गया है, जबकि 29 मंजिला दूसरा टावर बनकर तैयार है. काम शेड्यूल के मुताबिक चल रहा है और मार्च 2028 तक पूरा होने में दिक्कत नहीं आनी चाहिए,' उन्होंने कहा.
प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट शशि प्रभु ने कहा कि काम तेजी से हो रहा है और तय समय में पूरा होगा. 'हमने आधुनिक इंटीरियर वाला सैंपल फ्लैट भी तैयार किया है, जिसे विधायक देख सकते हैं,' प्रभु ने कहा.
इंतजार महंगा पड़ा है. फरवरी 2018 से राज्य विधानमंडल ने 288 विधायकों और 78 एमएलसी को वैकल्पिक आवास के लिए 210 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं. दोनों सदनों के 360 से ज्यादा विधायकों में से 200 से अधिक को आकाशवाणी एमएलए हॉस्टल में करीब 300 वर्ग फुट का एक-एक कमरा मिला है. उन्हें वैकल्पिक आवास के लिए महीने के 50,000 रुपये मिलते हैं, जबकि कमरा न मिले बाकी विधायकों को महीने के 1 लाख रुपये, विधानमंडल के एक अधिकारी ने बताया. ट्रांजिट आवास पर सालाना 30.50 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, और अब तक का 210 करोड़ रुपये का खर्च रीडेवलपमेंट की कुल लागत के 10% से ज्यादा है.
नए कॉम्प्लेक्स में विधायकों और उनके स्टाफ के लिए कमरे व दफ्तर, 750 गाड़ियों की पार्किंग, दो मीटिंग हॉल, एक ऑडिटोरियम, एक लाइब्रेरी और जिम होंगे.