इंफाल: पूर्वी इंफाल के सुनुरोक में लकड़ी जमा कर रहे तीन मेइतेई नागरिकों की हत्या के विरोध में बुलाए गए 48 घंटे के राज्यव्यापी बंद का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, ठौबल और काकचिंग — पांच घाटी जिलों में बाजार, स्कूल और दफ्तर बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन ठप रहा।
इस बीच मणिपुर में हिंसा थमी नहीं है। मंगलवार को कांगपोकपी जिले में अज्ञात हमलावरों ने 45 वर्षीय कुकी युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, जबकि उखरूल में करीब छह कुकी घर जला दिए गए। पिछले 48 घंटों में उयुमपोक, नोंगशुम और ठौबल इलाके में चार लोगों की मौत हुई है।
सोमवार आधी रात से शुरू हुए बंद का नेतृत्व नेटिव पीपल्स कमेटी मणिपुर (NPCM) कर रही है। हमले के जिम्मेदार सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई, खोंगबल तांगखुल और खामेनलोक इलाके में गैरकानूनी सशस्त्र कैंप हटाने तथा तय समय में पारदर्शी जांच इसकी मांगें हैं। उपमुख्यमंत्री नेम्चा किपगेन के इस्तीफे की भी मांग की गई है।
सोमवार दोपहर पूर्व मुख्यमंत्री ओक्राम इबोबी सिंह के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात कर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री या गृह मंत्री से मुलाकात कराने का सुझाव भी इबोबी ने दिया। हालांकि बैठक की तारीख अब तक तय नहीं है।
2023 से जारी जातीय हिंसा में मणिपुर में कम से कम 306 लोगों की मौत हुई है।