आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में राज्य की स्थिति पर चर्चा हुई और कुल सात बड़े फैसले लिए गए।
पुलिसकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री का शौर्य पदक
आज का सबसे अहम फैसला असामान्य साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों के सम्मान के लिए 'मुख्यमंत्री शौर्य पदक' शुरू करने का है। ड्यूटी के दौरान जोखिम उठाने वालों को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। चयन के लिए तीन स्तरीय समितियां बनाई गई हैं, और पुरस्कार के लिए पूरे साल के काम पर विचार होगा। इस साल के लिए 1 जनवरी 2026 से अब तक के कार्य पर विचार किया जाएगा। शौर्य पदकों की घोषणा हर साल 1 मई, यानी महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या पर होगी और पदक मुख्यमंत्री खुद प्रदान करेंगे।
वडार समाज को राहत
वडार समाज को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पारंपरिक पत्थर तोड़ने और गौण खनिजों के उत्खनन के लिए रॉयल्टी में रियायत बढ़ाने को मंजूरी दी है। सालाना उत्खनन की सीमा 200 ब्रास से बढ़ाकर 500 ब्रास कर दी गई है। इसके लिए महाराष्ट्र भू-राजस्व (गौण खनिजों का उत्खनन और निष्कासन) नियम, 1968 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
उच्च शिक्षा और शोध के लिए 'CM SRISTHI' योजना
उच्च और तकनीकी शिक्षा में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 'CM SRISTHI' योजना (Scheme for Research, Innovations and Technological Hubs in Higher Education Institutions) के क्रियान्वयन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। यह योजना राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकारी उच्च और तकनीकी शिक्षा संस्थानों, सरकारी पॉलिटेक्निक, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) मुंबई, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) टेक्नॉलॉजिकल यूनिवर्सिटी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नॉलॉजिकल यूनिवर्सिटी, लोणेरे-रायगड के जरिए लागू की जाएगी।
हिरासत में मौत पर मुआवजा नीति
हिरासत में मौत के मामलों में मुआवजा देने की नीति को मंजूरी दी गई। पुलिस हिरासत में अप्राकृतिक मौत का शिकार हुए व्यक्तियों के परिजनों को समय पर आर्थिक मदद देने के लिए एक व्यापक नीति बनाई जाएगी।
अनुदानित छात्रावासों के कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा
सामाजिक न्याय विभाग के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे अनुदानित छात्रावासों के कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने को मंजूरी मिली। अधीक्षक, रसोइया, सहायक और चपरासी के मानदेय में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे राज्य के लगभग 2,388 अनुदानित छात्रावासों के कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना के तहत अनुदान बढ़ा
भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना के तहत अनुदान बढ़ाने को मंजूरी दी गई। 11वीं, 12वीं और 12वीं के बाद के व्यावसायिक व गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ रहे अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध वर्ग के वे छात्र, जो सरकारी छात्रावास में प्रवेश के पात्र हैं पर आवेदन के बावजूद जगह नहीं पा सके, उन्हें भोजन, आवास और शैक्षणिक सुविधाओं के लिए बढ़े हुए भत्ते मिलेंगे।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वमय योजना के तहत भत्तों में सुधार
अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वमय योजना के तहत भत्तों में सुधार को मंजूरी दी गई।

