महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और नए उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता, अपना बाजार और उचित कारोबारी मार्गदर्शन देने के लिए राज्य में विशेष 'महिला स्टार्ट-अप हब' बनाया जाएगा। इसके लिए कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग के तहत काम करने वाली महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसाइटी (MSInS) और उदैती फाउंडेशन के बीच सामंजस्य करार (MoU) हुआ है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया कि इस साझेदारी से महाराष्ट्र की महिला उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम मिलेगा।
एक ही छत के नीचे मार्गदर्शन, वित्तपोषण और बाजार कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की अगुवाई में हुए इस करार पर MSInS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील और उदैती फाउंडेशन की संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पूजा शर्मा गोयल ने हस्ताक्षर किए।
समन्वय का मंच: यह हब विभिन्न सरकारी विभागों, निवेशकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और महिला उद्यमियों को एक ही मंच पर लाने का काम करेगा।
एक्सेलरेटर मॉडल: महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबारों के लिए विशेष 'एक्सेलरेटर मॉडल' लागू किया जाएगा। इसके जरिए स्टार्ट-अप्स को उद्योग की जरूरतों के मुताबिक तकनीकी सहायता, कारोबार बढ़ाने का मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया जाएगा।
पूंजी और बाजार से जुड़ाव: नई महिला उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनने वाली कार्यशील पूंजी और बाजार की उपलब्धता पर इस परियोजना का खास जोर रहेगा।
प्रगति मापने के लिए 'महिला स्टार्ट-अप सूचकांक' और गवर्नेंस डैशबोर्ड नीतियों पर अमल सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर असर दिखाए, इसके लिए विशेष डेटा-आधारित व्यवस्था बनाई जा रही है:
महिला स्टार्ट-अप सूचकांक (WEI Index): राज्य के विभिन्न जिलों और संभागों में महिला उद्यमिता की प्रगति जांचने के लिए लिंग-आधारित (Gender-disaggregated) डेटा पर विशेष सूचकांक विकसित किया जाएगा।
गवर्नेंस डैशबोर्ड: सभी जिलों में महिला स्टार्ट-अप्स के प्रदर्शन की सीधी निगरानी के लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड काम करेगा, ताकि तथ्यों के आधार पर फैसले लेना प्रशासन के लिए आसान हो।
अंतर-विभागीय संचालन समिति: विभिन्न सरकारी तंत्रों के बीच आसान तालमेल और इस सूचकांक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी।
उदैती फाउंडेशन की भूमिका क्या है? उदैती फाउंडेशन भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए काम करने वाली अग्रणी संस्था है। संस्था का मुख्य लक्ष्य देश की लगभग 15.6 करोड़ (156 मिलियन) रोजगार-योग्य महिलाओं को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाना है। वह महिलाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनाना चाहती है। इसके साथ ही बाल देखभाल, आवास और सुरक्षित यात्रा जैसे बुनियादी पहलुओं को डेटा के आधार पर मजबूत करना भी उसका उद्देश्य है। फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी पूजा शर्मा गोयल ने कहा कि यह साझेदारी 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य को बड़ी गति देगी।