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मुख्यमंत्री फडणवीस का निर्देश: डिजिटल प्लेटफॉर्म का लंबित काम 31 दिसंबर तक पूरा हो

MahaDBT 2.0, Maitri 2.0 और Aaple Sarkar 2.0 की सेवाओं का डिजिटल प्लेटफॉर्म 26 जनवरी को शुरू करने की योजना है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सिस्टम सुचारु चला तो विभागों का रोज़ का प्रशासनिक बोझ 50% घटेगा।

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वर्षा निवास पर डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

राज्य की सभी सरकारी सेवाएं डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक बिना रुकावट पहुंचें, इसके लिए संबंधित विभागों और MahaIT को तालमेल से काम करना होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MahaDBT 2.0, Maitri 2.0 और Aaple Sarkar 2.0 की सेवाओं से जुड़ा सारा लंबित काम 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद 26 जनवरी को डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म लॉन्च करना है।

मुख्यमंत्री के वर्षा निवास पर MahaDBT 2.0, Maitri 2.0 और Aaple Sarkar 2.0 की सेवाओं की व्यवस्था पर बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री ॲड. आशीष शेलार और राज्य सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त मनुकुमार श्रीवास्तव मौजूद थे। इनके अलावा गृह, वित्त, लोक निर्माण, ऊर्जा, राजस्व, नगर विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पर्यटन, उद्योग, सामाजिक न्याय, स्कूली शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास, PADUM, श्रम, OBC और खेल व युवा कल्याण विभागों के वरिष्ठ IAS अधिकारी भी उपस्थित थे। समग्र संस्था के प्रतिनिधि और Team MahaIT, Team Maitri व Team Samagra के सदस्य भी बैठक में थे।

'एंड-टू-एंड' डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार

फडणवीस ने कहा कि सरकार ने पूरी प्रक्रिया के लिए 'एंड-टू-एंड' डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है। इसका बैकएंड GPR की तर्ज पर सक्षम तरीके से विकसित किया जाना चाहिए, और सेवाओं की वास्तविक डिलीवरी प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह सिस्टम सुचारु रूप से चला, तो विभागों का रोज़ का प्रशासनिक बोझ 50% घटेगा और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों से सीधे संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विकास के चरण में विभाग बार-बार अपनी जरूरतें न बदलें, यह भी उन्होंने कहा। MahaIT विभागों की अपेक्षाओं के अनुसार तकनीकी विकास करे। विभागों की दिक्कतें नियमित रूप से दर्ज करने और समय पर उन्हें सुलझाने के लिए एक तय कार्यप्रणाली अपनाई जाए, यह भी मुख्यमंत्री ने कहा।

उच्चाधिकार समिति किसी विषय को मंजूरी दे दे, तो संबंधित विभागों को तीन दिनों के भीतर सरकारी आदेश (GR) जारी करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हर विभाग रिवर्स काउंटडाउन के आधार पर योजना बनाए और अपना लंबित काम पूरा करे, यह निर्देश फडणवीस ने दिए।

नागरिकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ही सफलता की असली कसौटी

सेवा अच्छी और आसान है, यह नागरिकों से सीधी प्रतिक्रिया में सुनना ही डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता की असली कसौटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक नागरिकों का सकारात्मक अनुभव सामने नहीं आता, तब तक सिर्फ तकनीकी पूर्ति काफी नहीं होगी।

30 नवंबर तक बाहरी पोर्टल 'Aaple Sarkar' और 'Maitri' से जुड़ेंगे

विभागों को अपने बाहरी पोर्टल 30 नवंबर तक Aaple Sarkar और Maitri से जोड़ने हैं। MahaIT और Maitri को इसी समय-सीमा में उच्चाधिकार समिति द्वारा मंजूर राज्य-नागरिक और राज्य-व्यवसाय सेवाओं का विकास और एकीकरण पूरा करना है। यूज़र एक्सेप्टेंस टेस्टिंग, फील्ड टेस्टिंग, अधिकारियों का प्रशिक्षण, यूज़र मैनुअल और नागरिक जागरूकता का काम 15 दिसंबर तक पूरा करने की योजना है।

बेहतर व्यवस्था के लिए सेवाओं का युक्तिकरण

जांची गई 1,222 सेवाओं में से 723 सेवाओं का युक्तिकरण किया गया है। इनमें 32 गैर-सेवाएं, 83 अप्रचलित सेवाएं, 51 तत्काल सेवाएं और 333 डुप्लिकेट या पूरक सेवाएं शामिल हैं। उच्चाधिकार समिति की मंजूरी से 46 उप-विभागों की 467 सेवाओं पर आगे की प्रक्रिया जारी है।

'एक ठेकेदार-एक पहचान संख्या' वाला एकीकृत पंजीकरण पोर्टल

डेटाबेस के जरिए पेंशन के संभावित लाभार्थियों की सक्रिय पहचान के लिए एक नई प्रक्रिया प्रस्तावित है। राज्यभर में 8 लाख 90 हजार संभावित लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है। राज्य शिक्षा मंडल के सहयोग से खेल ई-प्रमाणपत्र प्रणाली के तहत छात्रों के सत्यापित खेल अंक परीक्षा परिणाम में अपने-आप जोड़ने की प्रक्रिया भी विकसित की जाएगी। विभिन्न महामंडलों की 130 योजनाएं मानक आवेदन के साथ MahaDBT 2.0 पर लाई जाएंगी। नौ विभागों के 1,700 से अधिक छात्रावासों के लिए एकीकृत 'MahaHostel' प्लेटफॉर्म और सभी सरकारी ठेकों के लिए 'एक ठेकेदार-एक पहचान संख्या' वाला एकीकृत पंजीकरण पोर्टल विकसित किया जाएगा।

'स्मार्ट' केंद्रों को मान्यता देने की योजना

राज्य के 32,479 सक्रिय सेवा केंद्रों में से 17,517 ने मानक नियमों के पालन की रिपोर्ट दी है और 12,824 केंद्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है। आवेदनों की संख्या, कार्यदिवस, मंजूरी दर, नागरिकों की प्रतिक्रिया और गुणवत्ता नियमों के आधार पर केंद्रों को 'Smart', 'Saksham', 'Udyonmukh' और 'Prayatnashil' श्रेणियों में बांटा जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 'Smart' केंद्रों का सम्मान 26 जनवरी 2027 को प्रस्तावित है।