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महाराष्ट्र और ब्रिटेन की औद्योगिक साझेदारी को नई रफ्तार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में ‘महाराष्ट्र-यूके साझेदारी’ के शुभारंभ पर ब्रिटेन की कंपनियों और संस्थाओं से सीधे राज्य में निवेश की अपील की। ब्रिटिश उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद समझौता ज्ञापन (MoU) हुए।

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मुंबई में ‘महाराष्ट्र-यूके साझेदारी’ शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

कौशल, पर्याप्त पूंजी और उन्नत तकनीक का मेल कराकर औद्योगिक निवेश के लिए सक्षम तंत्र (Eco-system) बनाने में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है। उद्योग-अनुकूल नीतियों के दम पर राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यूनाइटेड किंगडम (UK) के उद्यमियों और संस्थाओं से महाराष्ट्र में सीधा निवेश करने की अपील की।

मुंबई के होटल ताज पैलेस में आयोजित ‘महाराष्ट्र-यूके साझेदारी शुभारंभ’ समारोह में फडणवीस बोल रहे थे। यूके के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ।

कागजी समझौतों की जगह जमीनी अमल पर जोर निवेशकों को लालफीताशाही का शिकार न होना पड़े, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री ने कहा।

‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ की भूमिका: प्रोजेक्टों को रफ्तार देने के लिए ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ मंच से सभी सरकारी एजेंसियों के साथ एक ही छत के नीचे तालमेल बिठाया जाएगा।

असरदार साझेदारी: यूके के मंत्रियों, सचिवों और महापौरों का यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं है। इसका मुख्य मकसद दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को असली उद्योग, रोजगार और समझौतों में बदलना है।

विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस और भविष्य के शहर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय वित्त और व्यापार की राजधानी है, जबकि पुणे इंजीनियरिंग, उत्पादन और आईटी का बड़ा केंद्र है।

ग्लोबल यूनिवर्सिटी कैंपस: राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लाभ उठाते हुए ‘यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल’, ‘यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क’ और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन’ जैसे नामी विश्वविद्यालय राज्य में अपने कैंपस शुरू कर रहे हैं।

भविष्य के शहर: राज्य में बन रहे ‘एजुसिटी’, ‘मेडिसिटी’ और ‘एआई इनोवेशन सिटी’ के जरिए दुनिया भर के बेहतरीन शोध, संस्थान और बौद्धिक क्षमता एक ही जगह काम करेंगे।

ग्रीन एनर्जी और GCC: कार्बन उत्सर्जन घटाने, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के पुनर्चक्रण से जुड़ी परियोजनाओं को राज्य समर्थन देगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और शोध केंद्र स्थापित करने में हर संभव मदद दी जाएगी।

फडणवीस ने यह भरोसा भी जताया कि इससे स्थानीय उत्पादकों, तकनीकी कंपनियों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को ब्रिटेन का खुला बाजार मिलेगा।

“महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था नॉर्वे से भी बड़ी है”: जोनाथन रेनॉल्ड्स यूके के कारोबार, नवाचार, विज्ञान और व्यापार विभाग के राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने महाराष्ट्र की आर्थिक ताकत की खास तारीफ की। उन्होंने कहा:

“भारत में कदम रखना चाहने वाली ब्रिटिश कंपनियों के लिए महाराष्ट्र सबसे स्वाभाविक और सुरक्षित ठिकाना है। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था यूरोप के देश नॉर्वे से भी बड़ी है। यह सफलता सिर्फ कागजी समझौतों तक सीमित न रहकर असली रोजगार और कारोबार में दिखनी चाहिए, और इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”

समारोह में मौजूद प्रमुख लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी. अनबलगन, मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी राजेश गवांदे और मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे मौजूद थे।

यूके के प्रतिनिधिमंडल में स्कॉटलैंड की पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों की सचिव डेम एंजेला ईगल, राज्य सचिव डगलस अलेक्जेंडर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निदेशक सोफी ब्राइस, दक्षिण एशिया के लिए यूके के उप-व्यापार आयुक्त हरशबीर संघा और पश्चिम भारत के लिए ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त हरजिंदर कांग भी शामिल थे। प्रमुख महापौर और उद्योग प्रतिनिधि भी इसमें शामिल थे।