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उद्धव ठाकरे का सत्ता बदल का नारा; किसान मुआवजे और वोटर कटौती पर भाजपा पर हमला

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दशहरे की सभा में सत्ता बदल का आह्वान किया. किसानों के मुआवजे और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पर हमला बोला. महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई है.

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मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दशहरे की सभा में सत्ता बदल का आह्वान किया और किसानों के मुआवजे तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भाजपा पर जमकर हमला बोला.

दशहरे के मौके पर हुई इस सभा में ठाकरे ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि नुकसानग्रस्त किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है.

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया. इसके पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकार खतरे में हैं.

ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से सत्ता बदल के लिए एकजुट होकर लड़ने की अपील की. उन्होंने महाराष्ट्र की जनता से भाजपा के कार्यकाल से सबक लेने की बात कही.

राज्य की महायुति सरकार में शिवसेना-शिंदे गुट और भाजपा के बीच सत्ता संघर्ष के बीच ठाकरे की यह सभा अहम मानी जा रही है. उन्होंने अपनी पार्टी की ताकत बढ़ाने का संकल्प जताया.

दशहरे के मौके पर राज्यभर में विभिन्न दलों की सभाएं हुईं, जिनमें ठाकरे की सभा इस मौसम की प्रमुख राजनीतिक घटना मानी जा रही है.

ठाकरे ने अपने भाषण में राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए. 'किसानों की फसल बीमा, सूखाग्रस्त इलाकों में मदद और रोजगार पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया,' उन्होंने दावा किया. मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयास को उन्होंने लोकतंत्र पर हमला बताया.

'आज जनता की आंखें खुल गई हैं. इस बार का दशहरा सत्ता बदल का दशहरा होगा,' उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा. महायुति सरकार में शिवसेना-शिंदे गुट और भाजपा के बीच सीट बंटवारे और सत्ता बंटवारे का विवाद भी जारी है.