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मंत्रियों के दफ्तरों में OSD-PS-PA की संख्या बढ़ी, हटाए गए अफसर लौटेंगे

मंत्रियों की नाराजगी के बाद मंत्री दफ्तरों में PA, PS और OSD की संख्या बढ़ाई गई है। इससे 625 अफसर-कर्मचारियों को हटाने वाले पुराने आदेश पर पुनर्विचार हुआ और ये पद अब प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे।

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मुंबई: मंत्रियों के दफ्तरों में PA, PS और OSD की संख्या बढ़ा दी गई है। इससे पहले के आदेश से हटाए गए अफसर-कर्मचारियों के लिए मंत्रालय के दरवाजे फिर खुल गए हैं।

मंत्रियों की नाराजगी दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया। मंत्री दफ्तरों में उधार और जुबानी तौर पर हुई अनियमित नियुक्तियां रद्द कर इन सभी को मंत्रालय से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।

मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्य सचिव कार्यालय की मंजूरी के बिना मंत्री दफ्तरों में अनियमित तौर पर तैनात 625 अफसर-कर्मचारियों को हाल में हटाया गया था। कार्रवाई में कुछ मंत्रियों के निजी सचिव, विशेष कार्य अधिकारी और निजी सहायक शामिल थे।

मंत्री दफ्तरों में जुबानी आदेश से तैनात अफसर-कर्मचारियों को 10 सितंबर 2026 से पहले उनके मूल विभाग में भेजने के आदेश मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सरकारी परिपत्र से दिए थे। ज्यादातर मंत्रियों ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर मंत्री स्थापना का संशोधित ढांचा बनाने और प्रतिनियुक्ति के पद बढ़ाने की मांग की थी। फडणवीस ने यह मांग मान ली है।

14 जनवरी 2025 के सरकारी फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 164, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 72 और मंत्री तथा राज्यमंत्री कार्यालयों के लिए क्रमशः 16 और 14 पद मंजूर थे। नए आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 41, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 18 और मंत्री तथा राज्यमंत्री कार्यालयों के लिए चार-चार अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी गई है।

इससे मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 205, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 90, मंत्री कार्यालय के लिए 20 और राज्यमंत्री कार्यालय के लिए 18 पद उपलब्ध होंगे। ये अतिरिक्त पद कैबिनेट के कार्यकाल तक रहेंगे। मंत्री स्थापना पर उधार या जुबानी आदेश से कोई अतिरिक्त मैनपावर नहीं लिया जा सकेगा और ये सभी पद प्रतिनियुक्ति से ही भरे जाएंगे, यह सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ किया है।