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मराठा आरक्षण आंदोलन: जरांगे पाटील का आरोप- आंदोलन खत्म कराने के लिए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने भाजपा से लिए 500 करोड़

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आंदोलन खत्म कराने के लिए भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने दी। शिंदे खेमे ने पहले भी ऐसे दावे खारिज किए हैं।

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मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आंदोलन खत्म कराने के लिए भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए हैं। इस आरोप ने राज्य में फिर सियासी बहस छेड़ दी है।

जरांगे पाटील ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने ही उन्हें इस भुगतान की जानकारी दी, जो कथित तौर पर शिंदे के बेटे और कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए दिया गया। उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया कि शिंदे जी ने मराठा आंदोलन खत्म करने और जरांगे पाटील को चुप कराने के लिए भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए हैं। लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने न पैसे लिए हैं, न लूंगा।"

कुणबी प्रमाणपत्र और मराठा समाज के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कई मोर्चे निकालने वाले जरांगे पाटील ने कहा कि समाज अपने समर्थकों से सलाह के बाद अगला कदम तय करेगा। उन्होंने बार-बार आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ गठबंधन पैसे और दबाव से आंदोलन तोड़ रहा है।

शिंदे भाजपा नीत राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल शिवसेना गुट के प्रमुख हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इस आरोप पर उनका सीधा जवाब नहीं मिला; उनके समर्थक ऐसे दावों को पहले भी खारिज करते रहे हैं।

इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। जरांगे पाटील ने कहा कि अगर आरोप सच है तो यह मराठा समाज के साथ विश्वासघात होगा, और वे आरक्षण की मांग जारी रखेंगे। यह विवाद ऐसे समय सामने आया जब राज्य के दो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुटों ने दशहरा रैलियों में एक-दूसरे पर आरोप लगाए।