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जरांगे-पाटिल ने शिंदे से पूछा, क्या मुझे चुप कराने के लिए 500 करोड़ दिए?

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे-पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सार्वजनिक रूप से पूछा कि क्या उन्हें चुप कराने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास सबूत है और जवाब की मांग की। यह बयान बीड की दशहरा रैली में आया।

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बीड: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे-पाटिल ने मंगलवार को हड़कंप मचा दिया, जब उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूछा कि क्या उन्होंने उन्हें "चुप" कराने के लिए भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए थे।

बीड जिले की एक दशहरा रैली में बोलते हुए जरांगे-पाटिल ने कहा कि उन्होंने सुना है कि उपमुख्यमंत्री ने भाजपा नेतृत्व से कहा था कि उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा, "मैं एकनाथ शिंदे से जानना चाहता हूं कि क्या यह सच है। क्या उन्होंने मुझे 500 करोड़ रुपये दिए हैं? दावा है कि उन्होंने अपने बेटे श्रीकांत शिंदे के जरिए मुझे 500 करोड़ रुपये दिए। 500 करोड़ रुपये छोटी रकम नहीं है। यह मेरे खिलाफ बड़ी साजिश है। शिंदे को आज की दशहरा रैली में या कल तक मेरे सवाल का जवाब देना चाहिए।"

कार्यकर्ता ने कहा कि वे इस दावे के सबूत सामने रखेंगे। उन्होंने कहा, "इस दावे के सबूत मेरे पास हैं और मैं उन्हें सामने रख सकता हूं। यह सबूत आपके पैरों तले जमीन खिसका देगा। यह साजिश मुझे अंतरवली-सराटी में अपनी भूख हड़ताल के दौरान पता चली।"

जरांगे-पाटिल ने आरोप लगाया कि मराठा समुदाय को अलग-थलग करने की साजिश रची जा रही है और जानबूझकर उन्हें परेशान करने और दुख पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा, "हम दृढ़ता से लड़ रहे हैं। हम धीरे-धीरे जीत की ओर बढ़ रहे हैं। जो समुदाय के खिलाफ जाएंगे, उन्हें कभी बख्शा नहीं जाएगा।"

उन्होंने सूखे की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की जरूरत की बात भी की। उन्होंने कहा कि अगर मराठा समुदाय पर संकट आया है तो उसे मिलकर इससे लड़ना होगा, और आने वाले दिनों में सूखा और भीषण हो सकता है।

यह आरोप आरक्षण कार्यकर्ता और राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच चल रही खींचतान को बढ़ाता है और उपमुख्यमंत्री के सामने एक नया सवाल खड़ा करता है।