नागपुर: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की जारी की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को दिए। रिकॉर्डिंग में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए उन्हें 500 करोड़ रुपये मिलने का कथित दावा है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में वोट डालने के बाद नागपुर में बोलते हुए फडणवीस ने यह फैसला बताया। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल जांच की मांग लेकर उनसे मिला, और भाजप ने भी जांच की मांग की।
"हम सबका सवाल एक ही है — ढाई साल बाद ये बातचीत अब क्यों सामने आई? इसके पीछे मकसद क्या है? किसे निशाना बनाया जा रहा है? किस लिए?" फडणवीस ने कहा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक तरीकों से गहन जांच होगी, यह देखा जाएगा कि क्लिप में किसकी आवाज है।
जरांगे ने यह ऑडियो एक दिन पहले जालना में जारी किया था। उन्होंने कहा कि इससे मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने और उनकी छवि खराब करने की लंबी साजिश उजागर हुई। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें चुनौती दी थी कि वे यह आरोप साबित करें कि उन्होंने भाजप से 500 करोड़ रुपये लेकर अपने बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए भेजे। इसके बाद जरांगे ने इसे सार्वजनिक किया। एक क्लिप में एक महिला श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने का कथित दावा करती सुनाई देती है। रिकॉर्डिंग में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले जरांगे के बढ़ते असर के राजनीतिक परिणामों पर चर्चा भी कथित रूप से है।
शिंदे ने रिश्वत के आरोप से इनकार किया है। शिवसेना के संजय शिरसाट, उदय सामंत और दादा भुसे जैसे नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे बदनामी की कोशिश बताया और जांच की मांग की। भाजप ने पूछा है कि रिकॉर्डिंग असली हैं या एआई से बनीं। मुंबई में शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि जरांगे ने भाजप के एक वर्ग से मिलीभगत कर एक मराठा नेता को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश की, जिसका इशारा शिंदे की ओर था।
जरांगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फडणवीस और शिंदे समेत वरिष्ठ नेताओं से गहन जांच के आदेश देने की अपील की है।