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गोकुल पर कोई दिलचस्पी नहीं, कानूनी गतिरोध खत्म करना है मकसद: फडणवीस

सहकारी संस्था कानून में संशोधन का बचाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया. उन्होंने कहा कि कोल्हापुर की गोकुल संस्था के अध्यक्ष पद को लेकर बना कानूनी गतिरोध खत्म करने के लिए यह कदम है. कांग्रेस के सतेज पाटील 9 नवंबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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गोकुल पर कोई दिलचस्पी नहीं, कानूनी गतिरोध खत्म करना है मकसद: फडणवीस
फ़ोटो: Internet

मुंबई: कोल्हापुर की गोकुल सहकारी दुग्ध संस्था के अध्यक्ष पद को लेकर पैदा हुए कानूनी गतिरोध को खत्म करने के लिए सहकारी संस्था कानून में संशोधन किया जा रहा है, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया. सरकार का इस संस्था पर कब्जे का इरादा नहीं है, ऐसा भी उन्होंने कहा.

18 अक्टूबर को हुए गोकुल निदेशक मंडल के चुनाव में महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस समर्थित राजर्षी शाहू शेतकरी सहकारी आघाडी के नेतृत्व वाले पैनल को 13 सीटें मिलीं. इस बंटवारे से अध्यक्ष पद का चुनाव अटक गया.

शनिवार को बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार की गोकुल में कोई दिलचस्पी नहीं है. "इस संशोधन का मकसद सिर्फ कानूनी गतिरोध दूर करना है," उन्होंने कहा.

दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सतेज पाटील ने 9 नवंबर का विरोध प्रदर्शन टालने से इनकार कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह चाल किसानों के जनादेश का उल्लंघन है.

गोकुल कोल्हापुर जिले की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक संस्था मानी जाती है. निदेशक मंडल में आंकड़ा लगभग बराबर होने से अध्यक्ष पद किसके पास जाएगा, यह सवाल दो महीने से अनसुलझा है.

राज्य की सहकार राजनीति में गोकुल की अलग जगह है. बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान इस संस्था से जुड़े हैं, इसलिए निदेशक मंडल पर नियंत्रण का सीधा राजनीतिक असर पड़ता है.

सरकार यह संशोधन विधानमंडल के सत्र में लाएगी या नहीं, यह अब तक साफ नहीं हुआ है. विपक्ष ने प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है.

9 नवंबर के प्रदर्शन में किसान संगठनों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील कांग्रेस कर रही है. इससे कोल्हापुर और पुणे के सहकार क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.